बिहार: नीतीश कुमार ने 55 MLC को सौंपी डुप्लेक्स की चाभी, खूबियां जान रह जाएंगे दंग

बिहार के विधान परिषद सदस्यों को (MLC) को बड़ी सौगात मिली है. 75 में से 55 एमएलसी को क्रम के अनुसार आवास आवंटित किए गए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डुप्लेक्स की चाभी सौंपी.

बिहार: नीतीश कुमार ने 55 MLC को सौंपी डुप्लेक्स की चाभी, खूबियां जान रह जाएंगे दंग
बिहार में 55 एमएलसी को सौंपी गई डुप्लेक्स की चाभी.

पटना: बिहार के विधान परिषद सदस्यों को (MLC) को बड़ी सौगात मिली है. 75 में से 55 एमएलसी को क्रम के अनुसार आवास आवंटित किए गए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डुप्लेक्स की चाभी सौंपी. नई बनी कॉलोनी में ऐसी सभी सुविधाएं हैं, जो एक एमएलसी के लिए जरूरी होती है. नया आवास मिलने से एमएलसी खुश हैं. वे इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच का नतीजा बता रहे हैं.

एमएलसी को एक ही कैंपस में आवास दिया गया है. छह कमरों के डुपलेक्स में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं. परिवार और कर्मचारी दोनों के रहने की व्यवस्था की गई है. 3681 वर्गफीट में रहने का इंतजाम किया गया है.

बिहार विधान परिषद के एमएलसी खुश हैं. इस खुशी के पीछे की वजह यह है कि अब सभी विधान परिषद के सदस्यों यानी एमएलसी को एक जैसा आवास मिल गया है, जिसकी लाठी उसकी भैंस वाले दिन लद गये हैं. पहले लाठी के जोर पर निर्वाचित होने वाले सदस्य बंग्ला कब्जा कर लेते थे.

अभी 20 एमएलसी ऐसे हैं, जिनके डुप्लेक्स बन रहे हैं. अगले 4-5 महीने में बाकी भी बन जायेंगे, जिसके बाद उन्हें हैंडओवर कर दिया जायेगा. इसके अलावा विधायकों को भी ऐसे ही डुप्लेक्स साल भर के अंदर मिल जाएंगे. ये आश्वासन भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी दे रहे हैं. 

मंत्री से लेकर एमएलसी तक नये आवासों पर खुशी का इजहार कर रहे हैं, तो जान लेते हैं क्या है एमएलसी के लिए बने आवास में.

एरिया- 18.76 एकड़
खर्च- 450 करोड़
एग्रीमेंट- 116.42 करोड़
फर्नीचर- 9.03 करोड़
आवास- 75
हॉस्टल- 30 डबल बेडरूम का
कम्युनिटी सेंटर
कांफ्रेंस हाल
पुलिस पोस्ट
शॉपिंग सेंटर
ग्रार्डेन
गेस्ट के लिए पार्किंग
डुप्लेक्स- 3050 वर्ग फीट
निर्माण- 3681 वर्ग फीट (ग्राउंड, फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर)
लागत- 82.50 लाख

एमएलसी के लिए जो आवास बने हैं, उनमें ग्राउंड फ्लोर है. ऑफिस है, जिससे अटैच टॉयलेट और छोटा किचन है. इसके अलावा बड़ा किचन, डाइनिंग स्पेस, एक बेडरूम, ड्राइंग रूम के साथ आगे और पीछे लॉबी है. फर्स्ट फ्लोर पर तीन मास्टर बेडरूम और लॉबी है. सेकेंड फ्लोर पर खुला छत, अंगरक्षक और घर में काम करने वाले व्यक्ति के रहने की व्यवस्था है.

भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री की अलग सोच का नतीजा एमएलसी आवास है, जो अब 55 एमएलसी को हैंडओवर किया जा चुका है. कुछ दिन में सब लोग साथ रहने लगेंगे. इससे दलों की दीवारें भी टूटेंगी.