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सीएम नीतीश कुमार ने शुरू की जल-जीवन-हरियाली अभियान, मौसमी हालात बदलने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी जल-जीवन-हरियाली जागरूकता कार्यक्रम शुरू हो रहा है. पूरी तरह से अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा

सीएम नीतीश कुमार ने शुरू की जल-जीवन-हरियाली अभियान, मौसमी हालात बदलने की कोशिश
नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान शुरू किया है.

पटनाः मौसम में आ रहे बदलाव में सुधार के लिए बिहार सरकार की ओर से बड़ा कार्यक्रम शुरू किया जायेगा, जल-जीवन-हरियाली नाम के इस अभियान को लेकर जागरूकता शुरू कर दी गई है. जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की है. इसके तहत सरकार पांच मोर्चों पर एक साथ काम करेगी, इसमें तालाबों, आहर-पाइन की उड़ाही, पौधे लगाना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और उन इलाकों तक नदियों का पानी पहुंचाना, जहां सूखा पड़ता है. इसके अलावा सोलर लाइट को भी बढ़ावा दिया जायेगा.

बिहार हाल के दशकों में बाढ़ और सुखाड़ का हर साल शिकार होता रहा है. इसे आपदा प्रभावित राज्यों में गिना जाता है, लेकिन मौसम में जिस तरह से बदलाव आया है, उसको लेकर बिहार सरकार चिंतित है और हालात बदलने के लिए 15 अगस्त से बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है. इसका नाम जल-जीवन-हरियाली होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि जल और हरियाली रहेगी, तभी जीवन की कल्पना की जा सकती है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी जागरूकता कार्यक्रम शुरू हो रहा है. पूरी तरह से अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा, जिसमें पहले चरण में तालाब, आहर-पाइन और कुओं को चिह्नित किया जायेगा और उनकी उड़ाही करायी जायेगी. जिन तालाबों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है, उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल लोगों को जागरूक करने से काम नहीं चलेगा. करके दिखाना होगा, किस तरह से सड़कों के किनारे कई लाइन में पेड़ लगाये जा सकते हैं. बांधों, सार्वजनिक जगहों और निजी जगहों पर भी वृक्षारोपण किया जायेगा. सोलर लाइट को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले सरकारी इमारतों पर सोलर पैनल लगाये जायेंगे, इसके आलावा दो नये सोलर प्लांट भी लगाने का खाका तैयार किया गया है. 

मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि जल हरियाली रहेगी, तभी जीवन की कल्पना की जा सकती है और अगर इसको पाना है, तो हमें अपनी आदतों में बदलाव करना होगा. ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने सरकार की पहल को ऐतिहासिक बताया और कहा कि ये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे विजन वाला नेता ही कर सकता है. 

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जल- जीवन- हरियाली अभियान की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि सेलेलाइट मैपिंग से हमारे पास बहुत सी चीजें आ गयी हैं. उन्हीं के आधार बना कर हम तालाब, आहर-पाइन और कुओं को अतिक्रमण मुक्त करायेंगे, इसके लिए दिसंबर तक की डेटलाइन रखी गयी है. 

बिहार समेत पूरे देश का मौसम जैसे सालों साल बदल रहा है. बारिश की कमी से सुखाड़ के हालात गरहाते जा रहे हैं, उसके गंभीर परिणाम सामने आने शुरू हो गये हैं. ऐसे में बिहार सरकार की ओर से शुरू किये जा रहे जल- जीवन- हरियाली अभियान को अगर सही तरीके से जमीन पर उतारा जायेगा, तो आनेवाले समय में हालात पहले जैसे हो सकते हैं. इसलिए जरूरत है कि हम सब मिल कर सरकार के इस अभियान को सफल बनाने में मदद करें, ताकि हमारा आनेवाला कल सुरक्षित और खुशहाल हो सके.