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CM नीतीश ने किया मिथिला पेंटिंग इंस्टीट्यूट का शिलान्यास, सर्टिफिकेट-डिग्री कोर्स की शुरुआत

नीतीश कुमार ने कहा जापान में भी मिथिला पेटिंग की बहुत बड़ी संस्था है और वहां इसको लेकर उम्दा काम हो रहा है. उन्होंने ने कहा कि उसी तर्ज पर यहां भी काम हो सकता है. 

CM नीतीश ने किया मिथिला पेंटिंग इंस्टीट्यूट का शिलान्यास, सर्टिफिकेट-डिग्री कोर्स की शुरुआत
सीएम नीतीश ने किया मिथिला पेंटिंग इंस्टीट्यूट का शिलान्यास.

धीरज ठाकुर, पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मिथिला को एक और सौगात दी है. मधुबनी के सौराठ में मिथिला चित्रकला संस्थान और मिथिला ललित संग्रहालय भवन का शिलान्यास किया. ये भवन 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगा. यहां दो तरह के कोर्स शुरू किए गए हैं. छह महीने का सर्टिफिकेट और तीन साल के डिग्री कोर्स की पढ़ाई यहां लोग कर सकेंगे. संस्थान के लिए शिक्षक की नियुक्ति होगी, जिनका चयन राष्टीय स्तर के कलाकार करेंगे. 

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि और जेडीयू नेता संजय झा भी मौजूद रहे. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और विदेश में मिथिला पेटिंग की बहुत चर्चा है. उन्होंने कहा कि जापान में भी मिथिला पेटिंग की बहुत बड़ी संस्था है और वहां इसको लेकर उम्दा काम हो रहा है. उन्होंने ने कहा कि उसी तर्ज पर यहां भी काम हो सकता है. उन्होंने कहा कि पटना एयरपोर्ट के टर्मिनल बिल्डिंग को मिथिला पेंटिंग से सजाया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि दरभंगा में बन रहे एयरपोर्ट को भी मिथिला पेटिंग से सजाया जाएगा. सीएम ने कहा मुख्यमंत्री आवास के संकल्प कार्यालय और पटना के कई दीवारों पर भी मिथिला पेंटिंग कराई जाएगी. इस दौरान उन्होंने कहा देश का विकास बिहार के बिना और बिहार का विकास मिथिला के बिना संभव नहीं है.

मिथिला पेंटिंग के विकास के लिए यहां संस्थान की शुरुआत की गई है. सीएम ने कहा कि मिथिला चित्रकला संस्थान में अध्यापकों का चयन वे ही करेंगे जो इस कला के राष्ट्रीय स्तर के कलाकार होंगे. इस संस्थान को चलाने की पूरी जिम्मेदारी कलाकारों की होगी. किराए के भवन में संस्थान की शुरुआत भी हो गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2012 में जब वे महासुंदरी देवी के घर (रांटी और जितवारपुर गांव) गए थे, तब उन्होंने इस संस्थान की जरूरत महसूस की.

मिथिला पेंटिंग को पहचान तब मिली, जब 1969 में सीता देवी को बिहार सरकार ने इसके के लिए सम्मानित किया था. 1975 में मिथिला पेंटिंग के लिए जगदंबा देवी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया. सीता देवी को भी 1984 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया. बाद में उन्हें ‘बिहार रत्न’ और ‘शिल्प गुरु’ सम्मान से भी सम्मानित किया गया. 2011 में महासुंदरी देवी को भी पद्मश्री से नवाजा गया. इसी वर्ष गणतंत्र दिवस के मौके पर बउआ देवी को पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की गई है.