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नीतीश कुमार ने फिर उठाया विशेष राज्य का मुद्दा, मांग को बताया तर्कसंगत

नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोग बिहार को विशेष दर्जे की मांग 2006 से उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसे 15वें वित्त आयोग के सामने भी रखेंगे.

नीतीश कुमार ने फिर उठाया विशेष राज्य का मुद्दा, मांग को बताया तर्कसंगत
नीतीश कुमार ने फिर उठाया विशेष राज्य का मुद्दा.

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को उठाते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना तर्कसंगत है. पटना में लोकसंवाद कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव के पूर्व विशेष राज्य का दर्जा का मुद्दा उठाया है. 

उन्होंने कहा, 'सभी पार्टियों ने बिहार के विशेष दर्जे का समर्थन किया है. हम अपनी मांग पर कायम हैं, क्योंकि विशेष दर्जे की मांग तर्कसंगत है. मेरा मानना है कि हर मायने में बिहार पिछड़ा है, प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी बिहार निचले पायदान पर है. बिहार हर साल प्राकृतिक आपदाएं झेलता है.' 

उन्होनें कहा कि हमलोग बिहार को विशेष दर्जे की मांग 2006 से उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसे 15वें वित्त आयोग के सामने भी रखेंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि किसानों को हर संभव सहायता मिलनी चाहिए. 2006 से हमलोग औद्योगिक पॉलिसी बना रहे हैं, लेकिन बड़े उद्योग नहीं आ रहे हैं. बिहार की स्थिति को देखते हुए विशेष दर्जे की मांग करते हैं.

आगामी लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि चार से पांच सप्ताह के भीतर लोकसभा चुनाव के लिए राजग के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे का समझौता सामने आ जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी घटक दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे. 

पत्रकारों द्वारा कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी करार देने के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह तो कांग्रेस वालों से पूछा जाना चाहिए. उन्होंने हालांकि कहा, 'सभी दलों को अपनी तरह से राजनीति करने का अधिकार है.'