अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका हमेशा रहेगी: नीतीश कुमार

नीतीश कुमार ने यहां गुरुवार को कहा कि अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका वर्तमान परिस्थिति में भी है और सदैव रहेगी. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में अश्वारोही बल की बड़ी भूमिका रही है. 

अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका हमेशा रहेगी: नीतीश कुमार
पुलिसकर्मियों एवं सेवानिवृत्त पुलिस पदाधिकारियों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया.

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां गुरुवार को कहा कि अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका वर्तमान परिस्थिति में भी है और सदैव रहेगी. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में अश्वारोही बल की बड़ी भूमिका रही है. मुख्यमंत्री यहां अश्वारोही सैन्य पुलिस, आरा के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बदलते परिवेश में नई तकनीक और नए-नए यंत्रों की अलग-अलग भूमिका है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने में अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका सदैव अहम रहेगी. 

उन्होंने कहा, 'हम तो यही कहेंगे कि अश्वारोही सैन्य पुलिस को निरंतर कायम रखते हुए जरूरत के मुताबिक इनकी संख्या बढ़ाएं.' इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अश्वारोही सैन्य पुलिस की गौरवशाली उपलब्धियों से संबंधित चित्र प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया. 

इस समारोह में घुड़सवार दस्ते द्वारा हर्स शो जम्पिंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर पदक प्राप्त अश्वारोही सैन्य पुलिस पदाधिकारियों, पुलिसकर्मियों एवं सेवानिवृत्त पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया. 

कानून व्यवस्था और अपराध के लिए नई तकनीक का सहारा लेते हुए आपराधिक घटनाओं का अनुसंधान या जांच पड़ताल करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यह जरूरी है, लेकिन जो पुराने तौर-तरीके हैं, उसे भी कायम रखना होगा. 

उन्होंने कहा, 'आबादी बढ़ने के साथ ही कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. कुछ ही गिने-चुने लोग हैं जो अपराध करते हैं. हमारे सुझाव के बाद सभी 40 पुलिस जिलों के थानों द्वारा उनके इलाके में होने वाली तरह-तरह की आपराधिक घटनाओं को चिन्हित किया गया है. अब उन इलाकों में पुलिसकर्मियों को मुश्तैदी से अपना काम करना है.' 

नीतीश ने कहा कि अब कानून व्यवस्था और आपराधिक अनुसंधान के काम को दो भागों में बांटकर पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है. इस साल से बिहार के 90 से 95 प्रतिशत थानों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है, इससे अनुसंधान के काम में तेजी आएगी, साथ ही लॉ एंड ऑर्डर भी बेहतर होगा.

समारोह को अपर मुख्य सचिव (गृह) आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय और बिहार सैन्य पुलिस के महानिदेशक एस़ क़े सिंघल ने भी संबोधित किया.