CM नीतीश कुमार ने चलाई थी वास स्थल क्रय सहायता योजना, लक्ष्य से दिख रही है कोसों दूर

नीतीश सरकार ने निर्णय लिया था कि बिहार के 38 जिलों में कुल 20 हजार लाभार्थियों को 'मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता' योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा, लेकिन अब तक लक्ष्य का तकरीबन 5 प्रतिशत यानी कुल 541 लाभार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिल सका है

CM नीतीश कुमार ने चलाई थी वास स्थल क्रय सहायता योजना, लक्ष्य से दिख रही है कोसों दूर
खराब अवस्था में है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वास स्थल क्रय सहायता योजना, लक्ष्य से कोसों दूर. (फाइल फोटो)

पटना:  बिहार के मुखिया नीतीश कुमार की 'मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता' योजना में लोग रुचि नहीं ले पा रहे हैं. नतीजा यह है कि पूरी स्कीम फिसड्डी साबित हो रही है. योजना शुरू होने से अबतक 10 फीसदी लाभुकों को लाभ नहीं मिल सका है.

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास के लाख दावे कर लें, लेकिन आज भी गरीबों को जमीन देने में सरकार की योजनाएं फिसड्डी साबित हो रही हैं. इसका खुलासा 'मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना' की प्रोग्रेस रिपोर्ट से मालूम हो जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक 21 जिलों में 10 से भी कम लाभार्थी को जमीन के लिए सहायता राशि मिली है. जबकि 11 जिलों में 10 से भी कम ही लाभार्थी को जमीन के लिए इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है. जबकि टारगेट को वर्ष 2019-2020 में पूरा करना है.

नीतीश सरकार ने निर्णय लिया था कि बिहार के 38 जिलों में कुल 20 हजार लाभार्थियों को 'मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता' योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा, लेकिन अब तक लक्ष्य का तकरीबन 5 प्रतिशत यानी कुल 541 लाभार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिल सका है.

स्किम के तहत लाभुकों को जमीन खरीदने के लिए 60 हजार देने का प्रावधान है. योजना के तहत बीपीएल परिवारों को यह राशि दी जाती है. इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2020 तक है. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्य प्राप्ति करना तो दूर, इसके 10 फीसदी तक भी पहुंचना मुश्किल दिख रहा है.

एक नजर डालिए स्किम की हालत पर:- 

जिला-       लक्ष्य-       लाभार्थी
अररिया       624        00

अरवल        009       00

बांका         403        00

दरभंगा       126        00

गोपालगंज     233        00

जहानाबाद     024        00

पटना         954       00

रोहतास       250        00

सारण        256        00
 
पूर्णिया       1506       02

मुंगेर         176        02

खगड़िया      670        03
 
लखीसराय     112       03

किशनगंज     024       04

नवादा       153        05

मोतिहारी     190        05

शेखपुरा      022        06

सीवान       059        07

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने योजना की धीमी गति पर बताया कि जमीन खरीदगी काम लाभुकों को करना होता है. जमीन रजिस्ट्री के बाद राज्य सरकार उनके खाते में राशि ट्रांसफर करती है. यदि लाभुक खरीद नहीं रहें हैं तो उसमे सरकार कुछ नहीं कर पाती है. श्रवण कुमार ने बताया कि राज्य सरकार योजना को लक्ष्य तक पहुंचाएगी.