दरभंगा: बाढ़ पीड़ितों के लिए बने सामुदायिक किचन का कुक भागा, लटका ताला, लोग परेशान

बिहार के दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडो में बाढ़ की दस्तक के बाद जिला प्रशाशन के निर्देश पर बाढ़ पीड़ित जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने को लेकर सामुदायिक किचन शुरू किया गया. 

दरभंगा: बाढ़ पीड़ितों के लिए बने सामुदायिक किचन का कुक भागा, लटका ताला, लोग परेशान
लोगों के हंगामे के बाद खाना बनाने वाला कर्मी यहां से भाग खड़े हुए. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडो में बाढ़ की दस्तक के बाद जिला प्रशाशन के निर्देश पर बाढ़ पीड़ित जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने को लेकर सामुदायिक किचन शुरू किया गया. लेकिन हायाघाट विधानसभा के सिरिनिया बांध के पास थलवारा नवटोल स्थित सामुदायिक किचन बाढ़ पीड़ितों के सामने बौना साबित हुआ. भोजन से वंचित लोगो के हंगामा के बाद खाना बनाने वाला कर्मी यहां से भाग खड़े हुए, जिसके बाद इसमे ताला लटका गया है.

हायाघाट में बागमती नदी के इस सिरिनिया तटबंध पर मल्हीपट्टी,सिरिनिया और अम्माडीह सहित कई गांवों के करीब एक हजार विस्थापित परिवार बेहद खराब स्थिति में रह रहे है. इनमें से अधिकतर लोग वैसे है,जो कोरोना की वजह से अपना रोजी रोजगार गवांकर घर लौटे है.बाढ़ के कारण यहां भी काम धंधा बन्द पड़ा है. ऐसे में यहां सामुदायिक किचन बन्द होने से इन विस्थापित परिवारों के ऊपर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है.

लोगो का स्पष्ट कहना है कि पीड़ितों की संख्या से कम लोगो का भोजन बनने के कारण हंगामा हुआ,जिस कारण बीते तीन दिनों से यह बन्द पड़ा है. इस सबके वावजूद कोई आला अधिकारी इसकी सुधि लेने यहां नहीं पहुंचे हैं.

इस बाबत बाढ़ पीड़ित एक महिला ने बताई की 900 आदमी यहां है,200 आदमी का खाना बनता है.जिस कारण भोजन से वंचित 700 लोग यहां आकर हंगामा और मारपीट करते हैं. वहीं, अन्य पीड़ितों ने भी कहा कि यहां मौजूद लोगो की संख्या से बहुत कम लोगो के लिये खाना बनता है.

जिस कारण आपस मे हंगामा होता है. तीन दिन से यहां सामुदायिक किचन बंद पड़ा है.लेकिन जिला प्रशाशन या स्थानीय बीडीओ-सीओ अभीतक यहां देखने भी नही आएं है. लोगों मे सामुदायिक किचन बंद होने से आक्रोश है,साथही बच्चो सहित परिवार के निवाला की चिंता भी है. ऐसे में जरूरत है कि जिला प्रशाशन इस तरफ ध्यान दे,ताकि जरूरतमंदों तक सहायता पहुंच सके.