औरंगाबाद सीट को लेकर कांग्रेस नेता निखिल कुमार बोले, 'पार्टी के फैसले से हैरान हूं'

कांग्रेस नेता निखिल कुमार ने औरंगाबाद सीट हम के कोटे में जाने पर पार्टी के फैसले पर हैरानी जताई है.

औरंगाबाद सीट को लेकर कांग्रेस नेता निखिल कुमार बोले, 'पार्टी के फैसले से हैरान हूं'
निखिल कुमार ने औरंगाबाद सीट को लेकर कांग्रेस के फैसले को गलत ठहराया है.

नई दिल्लीः महागठबंधन में सीट शेयरिंग का ऐलान होनेवाला है. लेकिन इससे पहले अब कांग्रेस के अंदर औरंगाबाद सीट को लेकर पेंच फंस चुका है. औरंगाबाद सीट से निखिल कुमार का टिकट कटने की चर्चा पर उनके समर्थकों ने शुक्रवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम में जमकर हंगामा किया. और निखिल कुमार का टिकट नहीं काटने की चेतावनी दी है. वहीं, पूर्व सांसद निखिल कुमार ने कहा कि मैं हैरान हूं कि कांग्रेस पार्टी औरंगाबाद सीट छोड़ने का फैसला कैसे ले सकती है.

मणिपुर के पूर्व राज्यपाल और औरंगाबाद के पूर्व सांसद निखिल कुमार ने कहा है कि औरंगाबाद सीट हम पार्टी के कोटे में जाने से लोगों में काफी असंतोष है, यह स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि मुझे मालूम नहीं था कि औरंगाबाद सीट कांग्रेस के कोटे से निकल कर हम के कोटे में चला जाएगा. मैं हैरान हूं कि पार्टी ने ऐसा फैसला कैसे ले लिया.

वहीं, समर्थकों द्वारा हंगामा करने को लेकर निखिल कुमार ने कहा, मैं नहीं जानता वह कौन लोग हैं, लेकिन मैं उन्हें हिंसा करने से रोकना चाहुंगा, क्योंकि ऐसा करने से कोई हल नहीं निकलेगा. उन्होंने कहा कि जो भी निर्णय होगा मैं पार्टी के साथ हूं. लेकिन मैं दो दिन दिल्ली में हूं और मैं पार्टी के आलाकमान से बात करूंगा.

निखिल कुमार ने कहा कि पार्टी ने ऐसा फैसला लिया यह मैं समझ नहीं पा रहा हूं. लेकिन जो लोग जिम्मेदार हैं उनसे पूछना जरूर चाहिए कि औरंगाबाद सीट हम के कोटे में क्यों दिया गया. आलाकमान का जो फैसला होगा वह मान्य होगा और आगे की रणनीति पटना जाकर तय करूंगा.

बता दें कि औरंगाबाद सीट हम पार्टी के कोटे में जानें की चर्चा है. जिससे निखिल कुमार के समर्थकों ने हंगामा कर इस फैसले को बदलने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि औरंगाबाद कांग्रेस की परंपरागत सीट है फिर भी निखिल कुमार का टिकट काटा जा रहा है. समर्थकों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल पैसे लेकर औरंगाबाद सीट को बेच दिया. यह सभी बिहार में कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं.