close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

कांग्रेस की बैठक में नेताओं ने दिए गठबंधन तोड़ने के सुझाव, प्रदेश अध्यक्ष ने बता दिया निजी राय

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पार्टी को मजबूत करने को लेकर पार्टी नेताओं के विचारों को सिरे से खारिज कर दिया है.

कांग्रेस की बैठक में नेताओं ने दिए गठबंधन तोड़ने के सुझाव, प्रदेश अध्यक्ष ने बता दिया निजी राय
मदन मोहन झा ने विचारों को किया सिरे से खारिज. (फाइल फोटो)

पटना : मंगलवार को सदाकत आश्रम में कांग्रेस (Bihar Congress) राज्य कार्यकारिणी के विस्तारित समिति की बैठक बुलाई गई. बैठक में पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद, जिलाध्यक्ष और पार्टी के पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक का मुद्दा सदस्यता अभियान के जरिये संगठन को मजबूत करना था. गांधी जयंति की तैयारी और प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिये पार्टी के नेताओं को वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ तैयार करने की रणनीति पर चर्चा हुई.

लेकिन पार्टी नेताओं ने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए प्रदेश नेतृत्व को जो सुझाव दिये, प्रदेश नेतृत्व ने उन सुझावों को निजी राय बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया. बड़ा सवाल यह है कि जिन नेताओं के जरिये कांग्रेस बिहार में अपना जनाधार बढ़ाने की तैयारी कर रही है, उन्हीं के विचारों को दरकिनार कर पार्टी अपने लक्ष्य को कैसे हासिल कर पाएगी?

2020 विधानसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस पार्टी जुट गई है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व और पार्टी के नेताओं के विचार में काफी अंतर देखने को मिल रहा है. इस बात का खुलासा हुआ मंगलवार को पार्टी के राज्य कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक में. बैठक में पार्टी के ज्यादातर विधायकों की राय थी कि पार्टी को गठबंधन की राजनीति से अलग होना चाहिए. यहां तक कि विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए.

किशनगंज के अलावा नाथनगर की सीट पर चुनाव लड़ने के सवाल पर कांग्रेस विधायक अजित शर्मा ने कहा कि सिर्फ नाथनगर ही क्यों कांग्रेस पार्टी को सभी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए. पार्टी को संगठन मजबूत करना है तो सभी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए. पार्टी के सीनियर नेता अवधेश सिंह ने कहा कि गठबंधन हमारी मजबूरी कतई नहीं है. हमारा मकशद सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस को मजबूत करना है.

कांग्रेस विधायक अमित टुन्ना ने कहा है कि कांग्रेस अभी तक गांवों तक नहीं पहुंच सकी है. हम जिस दिन गांव पहुंच जाएंगे, लोगों का झुकाव हमारी तरफ हो जाएगा. कांग्रेस विधायक ने कहा कि हमलोगों को गठबंधन की राजनीति छोड़नी होगी. इसके कारण ही हमलोग कमजोर हो रहे हैं. जिस दिन कांग्रेस अकेले लड़ना शुरू करेगी, उस दिन लोगों के विश्वास पर हम खड़े उतरने लगेंगे.

वहीं, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पार्टी को मजबूत करने को लेकर पार्टी नेताओं के विचारों को सिरे से खारिज कर दिया है. मदन मोहन झा ने कहा है कि ये नेताओं के निजी विचार हो सकते हैं. इस बैठक का एजेंडा वो नहीं है, जिसपर नेता अपने विचार रख रहे हैं. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब प्रदेश नेतृत्व ही अपने विधायक और सीनियर नेताओं के विचारों को सिरे खारिज कर दें, तो फिर संगठन मजबूती को लेकर उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है.