बिहार: कांग्रेस का राजभवन मार्च हुआ FAIL, नहीं पहुंचा कोई विधायक

पार्टी की ओर से कोई विधायक मार्च में शामिल नहीं हुआ. कुछ चुनिंदा नेताओं को छोड दें तो पार्टी के कई बडे चेहरे मार्च से गायब रहे. अपने अंदरुनी गुटबाजी से परेशान बिहार कांग्रेस चली तो थी किसानों का मुद्दा उठाने लेकिन खुद की कमजोरी उजागर कर आयी.

बिहार: कांग्रेस का राजभवन मार्च हुआ FAIL, नहीं पहुंचा कोई विधायक
कांग्रेस का ये मार्च काफी फीका रहा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: नए किसान कानून और पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढोतरी के खिलाफ शुक्रवार को कांग्रेस का राजभवन मार्च हुआ. लेकिन कांग्रेस का ये मार्च काफी फीका रहा. पार्टी की ओर से कोई विधायक मार्च में शामिल नहीं हुआ. कुछ चुनिंदा नेताओं को छोड दें तो पार्टी के कई बडे चेहरे मार्च से गायब रहे. अपने अंदरुनी गुटबाजी से परेशान बिहार कांग्रेस चली तो थी किसानों का मुद्दा उठाने लेकिन खुद की कमजोरी उजागर कर आयी.

लाख कोशिशों के बावजूद बिहार कांग्रेस खुद को अपनी ही कसौटी पर खडा नहीं उतार पा रही. इसका नजारा शुक्रवार को पार्टी की ओर से बुलाए गये राजभवन मार्च के दौरान देखने को मिला. राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारी पार्टी की ओर से लंबे समय से की जा रही थी. 13 जनवरी को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष समीर सिंह की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर बजाप्ता एक चिट्ठी भी जारी की गयी.

जिसमें सभी विधायक सांसद पूर्व सांसद पूर्व विधायक पूर्व अध्यक्ष पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सभी संगठन विभाग मोर्चा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष तक को मार्च को सफल बनाने के लिए शामिल होने का निर्देश दिया गया था. लेकिन कुछ चुनिंदा चेहरों को छोड दें तो बांकी सभी मार्च से गायब रहे. मार्च के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर अध्यक्ष मदन मोहन झा सांसद अखिलेश सिंह प्रेमचन्द्र मिश्रा कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज जैसे नेता मौजूद थे. लेकिन विधायक दल के नेता अजित शर्मा पूर्व मंत्री अवधेश सिंह सदानंद सिंह निखिल कुमार अनिल शर्मा के साथ साथ सभी विधायक जिलाध्यक्ष गैरमौजूद रहे.

अपने कुछ चुनिंदा कार्यकर्ता और नेताओं के साथ कांग्रेस की टीम सदाकत आश्रम से राजापुर पुल तक ही पहुंच पायी. राजापुर पुल के पास पुलिस ने कांग्रेस नेताओं की टीम को बैरेकेटिंग लगाकर रोक दिया. इस दौरान इलाके में जाम की स्थिती उत्पन्न होगी. जाम के कारण कई एंबुलेंस और मरीजों को कठिनाईयों का सामना भी करना पडा.

मार्च के दौरान अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि किसानों के खिलाफ काला कानून सरकार को वापस लेना ही पडेगा. सरकार सिर्फ बातचीत का बहाना बनाकर मुद्दे को भटकाना चाहती है. हमने शांतिपूर्ण मार्च किया लेकिन हमारे पीछे पुलिस लगा दी गयी. जहां अपराध होता है वहां पुलिस नहीं रहती लेकिन आमलोगों को परेशान करती है.

सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस के मार्च का दूरगामी परिणाम दिखेगा. कांग्रेस किसानों के साथ खडी है. किसान आज परेशान हैं सरकार को किसानों से कोई लेना देना नहीं. कई किसान इस ठंढ में अपनी जान तक गंवा चुके हैं.

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि पूरे देश में नये किसान कानून को लेकर आक्रोश है. जबतक किसान कानून वापस नहीं होता हमारा आंदोलन जारी रहेगा.