झारखंड में अब बीजेपी को मंदिर, मस्जिद और चर्च का सहारा, कांग्रेस ने साधा निशाना

बूथ जीतो चुनाव जीतो नारे के साथ अब भारतीय जनता पार्टी हर बूथ पर धार्मिक स्थलों की भी सूची बनाने का निर्देश कार्यकर्ताओं को दिया है.

झारखंड में अब बीजेपी को मंदिर, मस्जिद और चर्च का सहारा, कांग्रेस ने साधा निशाना
झारखंड बीजेपी को अब सूबे में मठ, मंदिर, मस्जिद ओर चर्च के सहारे की जरूरत दिख रही है. (फाइल फोटो)

रांची: मिशन 2019 को साधने से पहले बीजेपी हर स्तर पर तैयारी चाहती है, इसलिए झारखंड में लोकसभा की सभी 14 सीट पर कब्जा जमाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को मठ, मंदिर, मस्जिद ओर चर्च का सहारा चाहिए. हालांकि बीजेपी के इस सहारे पर कांग्रेस ने भी निशाना साधा है. 

मिशन 2019 पर झारखंड में भी सभी दलों की निगाहें हैं. लेकिन दिल्ली की गद्दी पर कब्जा बरकरार रखने के लिए झारखंड बीजेपी को अब सूबे में मठ, मंदिर, मस्जिद ओर चर्च के सहारे की जरूरत दिख रही है. बूथ जीतो चुनाव जीतो नारे के साथ अब भारतीय जनता पार्टी हर बूथ पर धार्मिक स्थलों की भी सूची बनाने का निर्देश कार्यकर्ताओं को दिया है. हालांकि मठ, मंदिर, मस्जिद ओर चर्च के सहारे पर प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ का कहना है कि इसके जरिए बीजेपी कार्यकर्ता केंद्र की योजनाओं को जनता को बताएगें ओर उनका मन टटोलेंगे.

रघुवर दास

बीजेपी ने मठ, मंदिर,चर्च और मस्जिद की सूची बना कर इसके सहारे जनता के के नब्ज को टटोलने की बात की , तो कांग्रेस को निशाना साधने का मौका मिल गया. झारखंड कांग्रेस के नेता बीजेपी से पूछ रहे हैं कल तक विकास के आधार पर चुनाव लड़ने का दावा करने वाली पार्टी को धर्म का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है. साथ ही विकास की बात करने वाली पार्टी के विकास की कलई खुलने का आरोप लगा रहे हैं.

कांग्रेस ने जैसे ही बीजेपी पर देश मे माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया , बीजेपी ने भी पलटवार किया. झारखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा बेटिकन से चलने वाली पार्टी को हमें नसीहत देना शोभा नहीं देता, साथ ही कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया.

मिशन 19 की सियासत से पहले एक तरफ विपक्षी एकजुटता की कोशिश हो रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे साधने ने लिए सटीक रणनीति बनाने में लगी हुई है. ग्राउंड लेबल पर सभी धार्मिक स्थलों का नब्ज टटोल कर .चुनावी चाल चलना चाहती है. अब देखना होगा मठ, मंदिर, मस्जिद ओर चर्च के सहारे सत्ता की कितनी सीढियां नाप पाती है.

(मदन सिंह के साथ कुमार चन्दन की रिपोर्ट)