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लोहरदगा: पुराने नेताओं के साथ जोर आजमाइश करेगी कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं को प्राथमिकता

दावेदारों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को दी जा रही प्राथमिकता. सुबोधकांत सहाय, प्रदीप बालमुचू, डॉ रामेश्वर उरांव, फुरकान अंसारी जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी के नाम दिल्ली भेजे गए हैं.

लोहरदगा: पुराने नेताओं के साथ जोर आजमाइश करेगी कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं को प्राथमिकता
लोहरदगा में कांग्रेस अपने पुराने नेताओं को प्रथामिकता देती दिख रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लोहरदगा: झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections) में कांग्रेस आपने पुराने नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव में जोर आजमाइश करेगी. आलाकमान के पास भेजे गए प्रत्याशियों के लिस्ट में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है. लोहरदगा पहुंचे राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने यह जानकारी दी है. वहीं, अपने पूर्व साथी रहे प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रहे सुखदेव भगत को उन्होंने कमजोर प्रत्याशी बताया.

दावेदारों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को दी जा रही प्राथमिकता. सुबोधकांत सहाय, प्रदीप बालमुचू, डॉ रामेश्वर उरांव, फुरकान अंसारी जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी के नाम दिल्ली भेजे गए हैं.

राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने बताया कि कांग्रेस की सर्वे में जिनका नाम ऊपर होगा वैसे नए उम्मीदवारों को भी टिकट मिल सकता है. कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत के पार्टी छोड़ने के साथ ही धीरज प्रसाद साहू और डॉ. रामेश्वर उरांव की हुई बैठक से यह साफ हो गया था कि वह लोहरदगा सीट के दावेदार हैं. हालांकि उन्होंने आलाकमान पर फैसला छोड़ दिया है.

दरअसल, डॉ रामेश्वर उरांव को कांग्रेस की कमान मिलने के साथ ही सुखदेव भगत के तल्ख तेवर सामने आ गए थे. उन्होंने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया. आज सुखदेव भगत लोहरदगा विधानसभा सीट से टिकट के लिए टकटकी लगाए हुए हैं. ऐसे समय में राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने बीजेपी नेता सुखदेव भगत को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव के सामने कमजोर प्रत्याशी बताया है. सांसद ने बीते लोकसभा चुनाव में लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र से लगभग 12 हजार वोट से पिछड़े सुखदेव भगत के लिए यह आंकड़ा बताते हुए कहा कि बीजेपी उम्मीदवार के लिए भाड़ी होगा.

लोहरदगा विधानसभा सीट बचाना कांग्रेस पार्टी के लिए नाक का सवाल बन गया है. वहीं, कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए विधायक सुखदेव भगत के लिए यह राह आसान नहीं है. जब एनडीए के घटक दल आजसू लोहरदगा सीट छोड़ने को तैयार नहीं है, ऐसे में कांग्रेस बीजेपी और आजसू के लिए लोहरदगा सीट हॉट केक बना हुआ है.