JVM पर अधिकार को लेकर फंसा पेंच, विधायक दल की बैठक से पहले मरांडी के साथ हुआ कुछ ऐसा

उस बैठक में बीजेपी विधायक दल ने नेता के तौर पर बाबूलाल मरांडी को बुलाने के बजाए सीपी सिंह को वरिष्ठ विधायक के तौर पर पार्टी की तरफ से बुलाया है, जबकि जेवीएम विधायक दल ने नेता के तौर पर प्रदीप यादव को भी बुलाया है. 

JVM पर अधिकार को लेकर फंसा पेंच, विधायक दल की बैठक से पहले मरांडी के साथ हुआ कुछ ऐसा
जेवीएम पर अधिकार को लेकर फंसा पेंच, विधायक दल की बैठक में मरांडी के बदले बुलाए गए प्रदीप यादव. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष और जेवीएम का पेंच अब भी उलझा हुआ है. बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी के विलय का पत्र विधानसभा अध्यक्ष को पहले ही दिया था. उससे पहले जेवीएम विधायक दल के नेता से निष्कासन का पत्र भी विधानसभा अध्यक्ष को दिया था. 

हाल ही में बीजेपी विधायकों ने बाबूलाल मरांडी को अपना नेता विधायक दल चुना था और उसका पत्र भी बीजेपी विधायक के प्रतिनिधि मंडल ने विधानसभा सचिव को सौंपा था. इधर जेवीएम से बारी-बारी निष्कासित किए गए विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने खुद को असली जेवीएम बताते हुए कांग्रेस में विलय की सूचना विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दी है. फिलहाल पूरा मामला ही उलझा हुआ है. 

28 फरवरी से नए विधानसभा में होने वाले बजट सत्र की तैयारी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है. उस बैठक में बीजेपी विधायक दल ने नेता के तौर पर बाबूलाल मरांडी को बुलाने के बजाए सीपी सिंह को वरिष्ठ विधायक के तौर पर पार्टी की तरफ से बुलाया है, जबकि जेवीएम विधायक दल ने नेता के तौर पर प्रदीप यादव को भी बुलाया है. यानी विधानसभा में विलय और विधायक दल के नेता का पेंच उलझा हुआ है.

विधानसभा सचिव महेंद्र प्रसाद ने बताया कि 27 तारीख को होने वाली विधायक दल के नेताओं की बैठक के लिए बीजेपी की तरफ से सीनियर मेंबर सीपी सिंह को बैठक में आमंत्रित किया गया है. साथ ही कहा नेता प्रतिपक्ष पर अध्यक्ष को निर्णय लेना है.

विधानसभा में विधायक दल नेताओं की बैठक पर विधायक प्रदीप यादव ने बताया कि हम सबों ने कांग्रेस में विलय का आवेदन दिया है, लेकिन उस आवेदन पर जब तक विचार नहीं होता तब तक विधानसभा की नजर में जेवीएम के विधायक दल के ही लीडर हैं. उसी हैसियत से अध्यक्ष ने मुझे बैठक में बुलाया है और जब तक विलय पर मुहर नहीं लगती, उसी हैसियत से शामिल होगें.

बाबूलाल के बजाए सीनियर मेंबर सीपी सिंह को बैठक में आमंत्रित करने और जेवीएम की तरफ से प्रदीप यादव को विधानसभा अध्यक्ष की ओर से बुलाए जाने पर बीजेपी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा इस प्रकार की नकारात्मक राजनीति का परिचय सत्ता पक्ष की तरफ से दिया जा रहा है. 

इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा को पवित्र जगह बताते हुए, वहां निष्पक्षता और ईमानदारी से काम करने की सलाह दी है.

जब बीजेपी ने निष्पक्षता से काम करने की सलाह दी तो जेएमएम कोटे से हेमंत सरकार में मंत्री मिथलेश ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा, विधानसभा अध्यक्ष निष्पक्ष भूमिका ही निभा रहे हैं. बीजेपी का जो चरित्र है उसमें इस तरह का कन्फ्यूजन होना निश्चित है. 

साथ ही कहा कि पहले बाबूलाल ने हमारे महागठबंधन को समर्थन दिया. ऐसी क्या बात हुई दो दिन में बीजेपी की गोद में चले गए. सारी असमंजस की स्थिति पैदा करने वाले वहीं लोग हैं.