बिहार में विधानसभा चुनाव पूर्व नहीं थम रहा महागठबंधन में 'समन्वय' को लेकर विवाद

कांग्रेस इस मसले को लेकर एक सप्ताह का 'अल्टीमेटम' दिया है. लेकिन एचएएम और आरजेडी में इस मामले को लेकर खींची तलवार अभी भी म्यान में वापस जाती नहीं दिख रही है.

बिहार में विधानसभा चुनाव पूर्व नहीं थम रहा महागठबंधन में 'समन्वय' को लेकर विवाद
'समन्वय समिति' बनाने को लेकर अभी भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा.

पटना: बिहार में सभी राजनीतिक दल जहां इस साल के अंत में होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों में जुटे हुए हैं. वहीं, विपक्षी दलों के महागठबंधन (Mahagathbandhan) में समन्वय स्थापित करने को लेकर 'समन्वय समिति' बनाने को लेकर अभी भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा.

हालांकि, कांग्रेस इस मसले को लेकर एक सप्ताह का 'अल्टीमेटम' दिया है. लेकिन हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में इस मामले को लेकर खींची तलवार अभी भी म्यान में वापस जाती नहीं दिख रही है.

महागठबंधन में समन्वय समिति को लेकर सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने जब मोर्चा संभाला था, तब ऐसी उम्मीद जगी थी, कि अब महागठबंधन में समन्वय समिति को लेकर समन्वय स्थापित हो जाएगा. हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के समन्वय समिति की मांग को आरजेडी द्वारा तवज्जो नहीं दिए जाने के बाद कांग्रेस की मध्यस्थता से ऐसे आसार बनने लगे थे कि, सब कुछ ठीक-ठाक हो जाएगा. लेकिन, मांझी के दिल्ली से पटना लौटने और हम की कोर समिति की बैठक के बाद एक बार फिर से दोनों दलों के बीच तनातनी दिख रही है.

हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान भी कहते हैं, 'सोनिया गांधी ने महागठबंधन के दलों के साथ बैठक में समन्वय समिति को लेकर एक सप्ताह में समस्या निपटा लेने की बात कही थी. अभी तीन दिन का समय शेष है. इसके बाद ही हम कोई निर्णय पर पहुंचेगी.'

इस बीच, आरजेडी और हम में तानातनी भी देखने को मिली है. आरजेडी ने जहां हम को समन्वय समिति को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से बात करने को कहा तो, हम ने भी फतुहा प्रखंड अध्यक्ष से इस मुद्दे को लेकर वार्ता करने का निमंत्रण देकर हम ने महागठबंधन में जल रही आग में घी डालने का काम कर दिया.

आरजेडी की मानें तो हम द्वारा दिए गए इस मजाकिया आमंत्रण से आघात लगा है. आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी समन्वय समिति की मांग की बात को सिरे से खारिज करते नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि, महागठबंधन में अब तक ऐसी कोई समिति नहीं बनी है.

इधर, हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने राजद नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी है. उन्होंने यह भी कहा कि, हम किसी भी बयान पर पलटवार करना जानती है. इस बीच, भारतीय कांग्रेस समिति के सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ललन कुमार कहते हैं कि, महागठबंधन के सभी दलों को निजी लाभ नुकसान को छोडकर एकजुट रहने की जरूरत है.

इधर, सूत्र कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी हम के प्रमुख जीतन राम मांझी के संपर्क में है. कहा तो यहां तक जा रहा है कि हम के प्रमुख एक बार फिर पाला बदलकर एनडीए में जाएंगे. इस बीच, मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की तारीफ कर इसके संकेत भी दे चुके हैं.