झारखंड: सरकारी खजाने पर सियासी घमासान, केंद्र से GST की बकाया राशि मांगेगी सोरेन सरकार

झारखंड का जीएसटी मुआवजा ₹900 करोड़ का है. केंद्र के यहां पहले से ही राज्य सरकार का 437 करोड. रुपए बकाया हो गया है. अब यह राशि बढ़कर ₹900 करोड़ हो गई है. फिलहाल सितंबर तक की राशि राज्य सरकार को मिली है.

झारखंड: सरकारी खजाने पर सियासी घमासान, केंद्र से GST की बकाया राशि मांगेगी सोरेन सरकार
सरकारी खजाने को लेकर झारखंड में सियासी घमासान.

रांची: झारखंड में पिछली सरकार और वर्तमान सरकार में सरकारी खजाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. सोरेन सरकार राज्य में रघुबर दास की पिछली सरकार पर यह आरोप लगा रही है कि उनकी वजह से सरकारी खजाने की हालत खस्ता हो गई है. अब इसी कड़ी में वित्त एवं वाणिज्यकर मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय कराए गए काम का भुगतान बकाया हो गया है. 

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के बाद इस सरकार को खजाना खाली मिला है. राजस्व संग्रहण भी ठीक से नहीं हुआ. सारी स्थितियों से केंद्र सरकार को अवगत कराते हुए राज्य के विकास के लिए सोरेन सरकार राज्य के जीएसटी का हिस्सा मांगने की तैयारी कर रही है. इसके लिए जल्द ही केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा जाएगा.

झारखंड का जीएसटी मुआवजा ₹900 करोड़ का है. केंद्र के यहां पहले से ही राज्य सरकार का 437 करोड. रुपए बकाया हो गया है. अब यह राशि बढ़कर ₹900 करोड़ हो गई है. फिलहाल सितंबर तक की राशि राज्य सरकार को मिली है.

पूर्व नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा रामेश्वर उरांव कह रहे हैं कि राज्य का खजाना खाली हो गया है. सोरेन सरकार खाली खजाना होने का रोना रो रही है. उन्होंने कहा- रामेश्वर उरांव की बातों से मैं इत्तेफाक नहीं रखता क्योंकि जिस तरह से मैंने देखा है, वाणिज्यकर का जो पैसा आया है. वह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ज्यादा ही आया है. उसके बाद भी इस प्रकार की बातें पैसे नहीं है, यहव विश्वास करने लायक बात नहीं.

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बजट सत्र तक ऐसे ही चलाते रहें. जो भी वादे किए हैं वह पूरा नहीं कर पाएंगे, इसलिए इस तरह का रोना रो रहे हैं. वास्तविकता यह नहीं है. खजाने में पैसे हैं. उस पैसे को चाहे तो योजनाओं के लिए प्रयोग कर सकते हैं लेकिन करना नहीं चाहते हैं.