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झारखंडः अंधविश्वास में हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

गुमला जिले की अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम लोलार्क दुबे की अदालत ने डायन बिसाही के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराया है. 

झारखंडः अंधविश्वास में हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
गुमला में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास सुनाई है.

गुमलाः झारखंड के गुमला जिले की अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम लोलार्क दुबे की अदालत ने डायन बिसाही के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराया है. साथ ही तीनों अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है.

ज्ञात हो कि गुमला जिले के गुरदरी थाना के आंरगलोइया गांव में एक महिला विसनी देवी की हत्या कर दी गई थी. डायन बिसाही के आरोप में कुल्हाड़ी से मारकर महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई. घटना 24 फरवरी 2017 को घटी जहां विसनी देवी अपने आंगन में बर्तन धो रही थी, तभी अभियुक्त बजनु उराव, राजेश उरांव और महेश उरांव आए और डायन बिसाही का आरोप लगाकर पीटने लगे.

मारपीट के क्रम में उन्होंने तेज हथियार से महिला पर हमला किया. जिससे महिला की मौत घटनास्थल पर ही हो गई. इस संबंध में मृतक के परिजन रमनाम उरांव ने गुदरी थाना में मामला दर्ज कराया. जिसमें भादवि की धारा 449 ,34 ,302 ,34 एवं डायन प्रतिरोधक अधिनियम 3/4 के तहत मामला दर्ज किया गया. 

इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोलार्क दुबे की अदालत में चली. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक चंपा कुमारी ने पैरवी की वहीं, बचाव पक्ष की ओर से नंदलाल अधिवक्ता ने पैरवी कर रहे थे. अब तीन साल बाद न्यायालय ने इस मामले में फैसला सुना दिया है.

सरकारी पक्ष के वकील ने कहा कि इस तरह की घटना में दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी. वहीं, बचाव पक्ष के वकील अब हाईकोर्ट में अपील दायर करने की बात कर रहे हैं.

गौरतलब है कि गुमला जिले में अंधविश्वास के कारण लगातार महिलाओं की हत्या की जाती रही है. न्यायालय के इस फैसले के आने के बाद लोगों को उम्मीद है कि डायन बिसाही के आरोप में हत्या जैसे मामलों में कमी आएगी.