नायाब मामलाः अपहरण के मामले में कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा

बिहार स्थित किशंनगंज के अपर सत्र न्यायालय ने एक अपहरण के मामले में आरोपी दंपति को आजीवन कारावास का मामला सुनाया है.

नायाब मामलाः अपहरण के मामले में कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा
किशनगंज कोर्ट ने अपहरण के आरोप में एक दंपति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.

किशनगंजः बिहार स्थित किशंनगंज के अपर सत्र न्यायालय ने एक अपहरण के मामले में आरोपी दंपति को आजीवन कारावास का मामला सुनाया है. अपर सत्र के न्यायाधीश सत्येंद्र पांडेय ने अपहरणकर्ता दंपति  मुहम्मद सैफुद्दीन और शरीफन बीबी को आजीवन करावास और 20-20 हजार रुपये का आर्थिक दंड की सजा सुनायी. सजा सुनते ही आरोपी शरीफन बीबी बोहोश हो गई. उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया.

किशनगंज कोर्ट के वकील सत्यनारायण प्रसाद ने कहा कि यह एक नायाब मामला है. कुछ अलग तरीके का केस है. यह अपहरण का अलग मामला है. इसलिए गवाहों के बयान को सुनते हुए न्यायालय ने अपहरणकर्ता दंपति को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनायी है.

दरअसल यह मामला काफी संगीन है. आरोपी दंपति सैफुद्दीन और शरीफन शादी के लिए लड़की वालों को बुलाते थे और उनका अपरहण कर उनसे फिरौती की मांग करते थे. अपहरणकर्ता पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के गर्दन कट्टा गांव के रहने वाले हैं. पिछले साल अगस्त 2017 में किशनगंज के अर्राबड़ी गांव में दोनों दंपति गए थे. रास्ते में एक महिला से खुद को बीमार बताते हुए उसके घर चले गए.

रहम करके महिला ने दोनों को घर ले जाकर पानी पिलाया. आरोपी शरीफन बीबी ने महिला से कहा कि हम लड़की देखने आये थे लेकिन अचानक तबियत बिगड़ गई. फिर उसने वहां खड़ी महिला की बेटी की ओर इशारा करते हुए कहा कि तुम्हारी बेटी मुझे पसंद है क्या तुम मेरे बेटे से इसकी शादी करवाओगी. पहले तो महिला आश्चर्य हुई लेकिन फिर बाद में वह उनकी जाल में फंस गई और लड़का देखने के लिए तैयार हो गई.

लड़का देखने पंश्चिम बंगाल के मालदा में महिला का पति और रिस्तेदार निकल गए. रास्ते में शरीफन बीबी ने फोन किया कि उन्हें बारसोई जंक्शन में ही उतर जाना है. उनकी बात सुनकर उन्होंने ऐसा ही किया. वहीं, अपहरणकर्ता दंपति गाड़ी लेकर वहां पहले ही खड़े थे. सभी गांड़ी में बैठकर वहां से निकले तो रास्ते में दो और लोग गाड़ी में चढ़ गए जो आरोपियों से मिले हुए थे. रास्ते में लड़की के पिता और उसके रिश्तेदार को एक घर के पास उतार कर कमरे में बंद कर दिया. और दोनों का पहले मोबाइल छीना और मारपीट कर उन्हें परिवार से 10 लाख रुपये की मांग की. मजबूरन लड़की के पिता ने पत्नी को फोन किया.

पत्नि परेशान हो गई और गांव वालों की मदद से उसने किशनगंज थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज कराया. पुलिस ने भी एक्शन लेते हुए मोबाइल को ट्रैक कर अपहरणकर्ता तक पहुंच गए. पुलिस ने छापेमारी कर अपहरित दोनों को छुड़ाया और अपहरणकर्ता आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

इस मामले में काफी समय से सुनवाई चल रही थी. गुरुवार (31 मई) को सुनवाई करते हुए और गवाहों के बयान पर न्यायाधीश सत्येंद्र पांडेय ने अपहरणकर्ता के खिलाफ आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनायी.