झारखंड चुनाव: गठबंधन में लड़ेंगे वामपंथी दल, 16-17 सीटों पर लड़ेगी CPI

सीपीआई नेता ने कहा कि हमने पहले कोशिश किया था कि महागठबंधन का हिस्सा बने, लेकिन जेएमएम और कांग्रेस ने जिस तरह से लोकसभा चुनाव में ठगा था, ठीक उसी तरह विधानसभा चुनाव में ठगने का काम किया है. 

झारखंड चुनाव: गठबंधन में लड़ेंगे वामपंथी दल, 16-17 सीटों पर लड़ेगी CPI
सीपीआई ने कहा वो 16 से 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रामगढ़: झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election) में महागठबंधन (Mahagathbandhan) से अलग होकर के चुनाव लड़ रही सीपीआई (CPI) ने मंगलवार को रामगढ़ में कहा कि वो अपने उम्मीदवार चुनाव में उतारेगी. सीपीआई के हजारीबाग के पूर्व सांसद ने कहा कि झारखंड में कम्युनिस्ट पार्टी 16 से 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

उन्होंने कहा कि हमने पहले कोशिश किया था कि हम महागठबंधन का हिस्सा बने, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस (Congress) ने जिस तरह से लोकसभा चुनाव में ठगा था, ठीक उसी तरह विधानसभा चुनाव में ठगने का काम किया है. हम लोगों ने अपने स्टेट कमेटी में तय किया कि सीपीआई, सीपीएम (CPI(M)) और मासस और माले जो चारों वामपंथी पार्टियां हैं वह मिलकर चुनाव लड़ें.

आज हमने बड़कागांव से मिथिलेश कुमार दांगी को अपना उम्मीदवार बनाया है. मिथिलेश कुमार दांगी एक समाजसेवी हैं, जो विस्थापन के खिलाफ हजारीबाग और बड़कागांव में ही नहीं बल्कि झारखंड के दूसरे हिस्सों में भी जाकर आवाज उठाते रहे. सीपीआई नेता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इन्हें बड़कागांव की जनता जीत की मंजिल तक पहुंचाएगी.

इसके साथ ही सीपीआई नेता ने कहा कि हम रामगढ़ में भी चुनाव लड़ेंगे और इस सीट पर उम्मीदवार की घोषणा बुधवार को हो जाएगी. वहीं, दोनों उम्मीदवार 22 नवंबर को एक साथ नामांकन करेंगे. उन्होंने कहा कि झारखंड के सबसे बड़ा मुद्दा विस्थापन का है. यहां के किसानों की जमीन को सरकार जबरदस्ती विवरण कर रही है. 

सीपीआई नेता ने कहा कि यहां के लोग बड़े पैमाने पर बाहर जा रहे हैं. अनपढ़ लोगों को छोड़ दीजिए तो बीटेक और डिप्लोमा करने वालों को भी रोजगार नहीं मिल रहा है. 10000 की नौकरी चपरासी के लिए दरखास्त दे रहे हैं. तीसरा मुद्दा है किसानों के लिए. केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों का तीन लाख 65 हजार करोड़ रुपए का बैंकों का कर्ज माफ कर दिया गया. आज किसान बैंक के लोन के बोझ से दबे हैं. साढ़े बारह हजार किसान आत्महत्या कर रहे हैं. झारखंड में भी 14 किसानों ने केवल लोन के चलते आत्महत्या किया.

उन्होंने कहा कि इन तमाम मुद्दों को लेकर के हम चुनाव लड़ेंगे. सीपीआई नेता ने कहा कि भ्रष्टाचार बढ़ गया है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है. संगठन का उद्देश्य झारखंड बनाने का 19 वर्षों तक पूरा नहीं हुआ, जबकि सबसे अधिक राज झारखंड में बीजेपी ने ही किया है.