बिहार में सीपीआई ने किया 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला

सीपीआई की बिहार राज्य कार्यकारिणी एवं बिहार राज्य परिषद की दो दिवसीय बैठक के बाद पार्टी ने राज्य में अगले आम चुनाव में छह लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया.

बिहार में सीपीआई ने किया 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला
सीपीआई ने बिहार में 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

पटनाः भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की बिहार राज्य कार्यकारिणी एवं बिहार राज्य परिषद की दो दिवसीय बैठक के बाद पार्टी ने राज्य में अगले आम चुनाव में छह लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया. सीपीआई ने बैठक के बाद शनिवार को कहा कि बिहार में सक्रिय वामपंथी दलों के बीच चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने को लेकर सहमति बन गई है. 

सीपीआई के सचिव क़े नारायणा ने यहां पत्रकारों से कहा, "सीपीआई बिहार में मजबूत स्थिति में है और राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर हम बिहार में नीतीश-मोदी सरकार का सूपड़ा साफ कर सकते हैं. सीपीआई इसी आधार पर आह्वान करने जा रही है कि देश से मोदी सरकार को खत्म करो."

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि इसे लेकर महागठबंधन के प्रमुख घटक दल राजद के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. नारायणा ने कहा कि हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हालांकि वामपंथी दलों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, लेकिन वे भाजपा को मिली शिकस्त का स्वागत करते हैं.

उन्होंने आगे कहा, "सीपीआई 2019 के लोकसभा चुनाव में वामपंथी दलों की एकता के साथ-साथ तमाम धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ मजबूत तालमेल के पक्ष में है. सीपीआई पूरे देश में भाजपा विरोधी ताकतों को एकजुट करने में जुटी हुई है." 

सीपीआई के प्रदेश सचिव सत्य नारायण सिंह ने लोकसभा से पारित तीन तलाक विधेयक की चर्चा करते हुए कहा कि "हमें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से सहमति है, परन्तु संसद में विधेयक पास कराने के क्रम में उसमें कई आपराधिक मामले जोड़े गए हैं, जिसे लेकर आपत्ति है.

विपक्ष के लगभग सभी दलों और कई सांसदों ने इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की, लेकिन बहुमत के आधार पर इस विधेयक को पारित कर दिया गया." उन्होंने भाजपा पर सबरीमाला मामले और अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर न्यायालय के फैसले की अनदेखी कर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया.

(इनपुटः आईएएनएस)