close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

महागठबंधन में अब भाकपा माले ने फंसाया पेंच, 5 से कम सीटें किसी कीमत पर नहीं

बिहार में महागठबंधन से सीट शेयरिंग को लेकर वामपंथी दलों का अंतिम फैसला नहीं हुआ है पर इन दलों के नेताओं के तेवर तल्ख बने हुए हैं.

महागठबंधन में अब भाकपा माले ने फंसाया पेंच, 5 से कम सीटें किसी कीमत पर नहीं

पटना: बिहार में महागठबंधन ने अब तक अंतिम रूप नहीं लिया है. सीट शेयरि‍ंग को लेकर कोई फॉर्मूला नहीं बन पाया है. अब भाकपा माले ने ने दो टूक कह दिया है कि उसे आरा और सीवान सीटें हर हाल में चाहिए. उस पर कोई समझौता नहीं होगा. उसे पांच सीट से एक भी कम नहीं चाहि‍ए.  वहीं RJD ने कहा है कि अभी माले से औपचारिक रूप से नहीं हुई है. 

भले ही बिहार में महागठबंधन से सीट शेयरिंग को लेकर वामपंथी दलों का अंतिम फैसला नहीं हुआ है पर इन दलों के नेताओं के तेवर तल्ख बने हुए हैं. भाकपा माले ने महागठबंधन को कड़े अंदाज में संदेश देते हुए कहा कि आरा और सीवान लोकसभा सीटों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा  वही पांच सीटों के लिए दावेदारी भी ठोक दिया.

भाकपा माले के प्रभारी धीरेन्द्र झा ने कहा कि हमारी पार्टी बिहार की 5 लोकसभा सीटों पर चुनावी तैयारी तेज कर दी है. इसमें आरा, सीवान, जहानाबाद, काराकाट, पाटलिपुत्र शामिल हैं. ये सीटें हमारे आंदोलनों की मजबूत दावेदारी वाली सीटें रही हैं. इन 5 सीटों में आरा, सीवान सीट ऐसी हैं, जिस पर हम किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते. सीवान नहीं मिलता है तो दोस्ताना लड़ाई लड़ेंगे.

माले के इस बयान के बाद आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि अभी तक औपचारिक रूप से माले से बात नहीं हुई है बल्कि मेरे से ही अनौपचारिक रूप से बात हुई हैं और इसे लालू यादव तक पहुंचा दिया गया है. हम पहले बैठकर बात करेंगे उसके बाद कोई निर्णय निकाला जाएगा.

माले की मानें तो लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी और भाजपा को सत्ता से बाहर करना उनका नंबर एक एजेंडा है, लेकिन दुर्भाग्य से अभी तक इस दिशा में महागठबंधन में गतिरोध बरकरार है. उम्मीद है कि महागठबंधन वामपंथी दलों को कम नहीं आंकेगा. अगर आंकता है दो रास्ते अलग होंगे.