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दरभंगा: सिविल कोर्ट ने सुनाया शराब मामले में पहला फैसला, दोषी को 10 साल की सजा

उत्पाद अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक हरेराम साहू ने बताया कि एक नवम्बर 2018 को सिमरी थाना क्षेत्र में एक ट्रक (HR 69 A 1223) से शराब की कुल 4600 बोतल जब्त की गई थी.

दरभंगा: सिविल कोर्ट ने सुनाया शराब मामले में पहला फैसला, दोषी को 10 साल की सजा
दरभंगा में शराबबंदी मामले में आया पहला फैसला. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दरभंगा: शराब बरामदगी (Liquor Ban in Bihar) केस में दरभंगा सिविल कोर्ट (Darbhanga Civil Court) ने अपना पहला फैसला सुनाया है. दोषी को 10 साल की कैद और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है. उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश संजय अग्रवाल की अदालत ने बिहार मद्द निषेध अधिनियम और नये उत्पाद अधिनियम तहत बहादुरपूर थाना क्षेत्र के बिउनी गांव के चंदन लाल देव को दोषी करार देते हुए मंडल कारा दरभंगा भेज दिया. 

सिमरी थाना कांड संख्या 139/18 की प्राथमिकी ब्रज विहारी राय के लिखित सूचना पर संस्थित किया गया. इस मामलें में पांच अभियुक्त बनाये गए हैं, जिसमें से दो के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया गया. इसमें से एक को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बुधवार को बरी कर दिया. वहीं, एक अभियुक्त को बुधवार को दोषी करार दिया गया है.

उत्पाद अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक हरेराम साहू ने बताया कि एक नवम्बर 2018 को सिमरी थाना क्षेत्र में एक ट्रक (HR 69 A 1223) से शराब की कुल 4600 बोतल जब्त की गई थी. इसमें दोषी करार दिये गये अभियुक्त के सजा के बिन्दु पर सुनवाई और सजा अवधि का निर्णय 15 अक्टूबर को होना निर्धारित किया गया था.

कोर्ट ने दोषी को 10 वर्ष सश्रम कारवास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. जुर्माना राशि नहीं देने पर कारावास की सजा एक साल और बढ़ा दी जाएगी.