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बिहार में एक और ऑफिसर ने दिया इस्तीफा, जेल की नारकीय व्यवस्था की खोली पोल

दरभंगा के डीटीओ राजीव कुमार, पटना नगर निगम के कमिश्नर अनुपम कुमार सुमन के बाद अब दरभंगा मंडल कारा के प्रभारी उपाधीक्षक निर्मल कुमार ने भी सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है.

बिहार में एक और ऑफिसर ने दिया इस्तीफा, जेल की नारकीय व्यवस्था की खोली पोल
दरभंगा जेल के प्रभारी उपाधीक्षक ने दिया इस्तीफा.

दरभंगा/पटना : बिहार में एक और अधिकारी ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. दरभंगा मंडल कारा के प्रभारी उपाधीक्षक निर्मल कुमार प्रभात ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. निर्मल कुमार जेल में बंदियों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार से परेशान थे. उन्होंने आरोप लगाया है कि अधीक्षक की ओर से होने वाले अमानवीय व्यवहार का विरोध करने पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. इसलिए उन्होंने इस्तीफा देना ही बेहतर समझा. 

दरभंगा के डीटीओ राजीव कुमार, पटना नगर निगम के कमिश्नर अनुपम कुमार सुमन के बाद अब दरभंगा मंडल कारा के प्रभारी उपाधीक्षक निर्मल कुमार ने भी सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है. दरभंगा में दूसरा और पूरे बिहार में हालिया तीसरा इस्तीफा है, जिसको लेकर हंगामा मच गया है.

दरभंगा मंडल कारा के प्रभारी उपाधीक्षक निर्मल कुमार की मानें तो वर्तमान जेल अधीक्षक संदीप कुमार की प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया. निर्मल कुमार ने जेल अधीक्षक संपीप कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं. उनके मुताबिक, संदीप कुमार कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं. टीबी के पेंसेट को नियम के विरुद्ध सेल में रखते हैं. कैदियों के साथ मारपीट अपने सहकर्मियों से गालीगलौज करना संदीप कुमार की आदतों में शुमार है. निर्मल कुमार ने बताया कि जब उन्होंने इस बात का विरोध करना शुरू किया तभी से उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं और सस्पेंड कर देने की धमकी देते रहे. जेल के दो डाक्टरों ने भी अधीक्षक के रवैये से परेशान होकर नौकरी छोड़ दी.

कैदियों के खाने में घोटाले का आरोप
निर्मल कुमार ने आरोप लगाया है कि संदीप कुमार दरभंगा जेल में जुलाई 2019 में आए थे और उसके बाद से ही कैदियों के साथ प्रताड़ना का मामला शुरू हो गया. जेल मैन्युअल के मुताबिक कैदियों को खाने में दूध, अंडा और दही देने का प्रावधान है, नहीं दिया जाता है. अधीक्षक सप्लायर के साथ सेटिंग के बिल बनवा लेते हैं.

वसूली के लिए कैदियों को डाला जाता है सेल में
उन्होंने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक पैसे की उगाही के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. पैसे की उगाही के लिए उन्होंने टीबी के मरीज तक को भी सेल में डाल दिया. न्यायालय में पेसेंट की ओर से शिकायत दर्ज किये जाने पर दरभंगा के एडीजे-2 ने जेल अधीक्षक को शो काउज नोटिस भी जारी किया है. इसके अलावा जेल अधीक्षक दबंग कैदियों का गुट बनाकर कमजोर कैदियों से उगाही के लिए दवाब डालते हैं.

अधीक्षक ने निर्मल कुमार पर लगाया नियम नहीं मानने का आरोप
दरभंगा जेल अधीक्षक से जी मीडिया की टीम ने फोन पर बात की तो उन्होंने निर्मल कुमार पर नियम नहीं मानने का आरोप लगाया. जेल अधीक्षक संदीप कुमार के मुताबिक, निर्मल कुमार को नियम नहीं मानने की वजह से अब तक के सेवा काल में 21 बार शो काउज नोटिस जारी हो चुके हैं. संदीप कुमार ने निर्मल कुमार के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.

एयरफोर्स में सार्जेंट रह चुके हैं इस्तीफा देने वाले जेल प्रभारी उपाधीक्षक
बिहार कारा सेवा में आने से पहले इस्तीफा देने वाले निर्मल कुमार प्रभात एयरफोर्स में सार्जेंट के पद पर 1992 से 2008 तक काम कर चुके हैं. 2013 में उनका चयन बिहार कारा सेवा मे असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट के पद पर हुआ. निर्मल कुमार कहते हैं कि बड़ी उम्मीद के साथ उन्होंने बिहार सरकार की नौकरी को चुना था, लेकिन यहां उन्हें निराशा हाथ लगी.

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गौरतलब है कि इससे पहले दरभंगा के डीटीओ राजीव कुमार ने भी इस्तीफा दे दिया था. राजीव कुमार ने भी सिस्टम पर सवाल खड़े किए थे. राजीव भी फोर्स में काम कर चुके थे. राजीव के बाद पटना म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के आयुक्त रहे अनुपम कुमार सुमन ने भी अपनी नौकरी छोड़ दी थी. अनुपम ने इसे अपना व्यवक्तिगत कारण बताया था.