दरभंगा : सांसद कीर्ति आजाद के बिगड़े बोल, अधिकारी को दी 'औकात में रहने' की धमकी

अधिकारी के आरोप पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कीर्ति आजाद ने कहा कि पदाधिकारी माफी मांगे या फिर मानहानि के लिए तैयार रहे.

दरभंगा : सांसद कीर्ति आजाद के बिगड़े बोल, अधिकारी को दी 'औकात में रहने' की धमकी
कीर्ति आजाद ने दरभंगा में अधिकारी को दी औकात में रहने की धमकी. (फाइल फोटो)

दरभंगा : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद पर अधिकारी ने अमर्यादित और असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया है. बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पुष्पेश कुमार ने दरभंगा सांसद पर गाली गलौज करने के साथ ही औकात में रहने की धमकी देने का आरोप लगाया है. अधिकारी के आरोप पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कीर्ति आजाद ने कहा कि पदाधिकारी माफी मांगे या फिर मानहानि के लिए तैयार रहे.

दरभंगा जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह के ओएसडी और दरभंगा के डीसीएलआर के पद पर कार्यरत पुष्पेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'दो अक्टूबर को एक सरकारी कार्यक्रम के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेने के लिए जब सांसद कीर्ति आज़ाद के मोबाइल नंबर पर इसकी सूचना दी तो वह फोन पर ही उखड़ गए और असंसदीय और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे.'

उन्होंने कीर्ति आजाद पर आरोप लगते हुए कहा कि सांसद महोदय ने न सिर्फ उन्हें गाली दी, बल्कि औकात में रहने की भी धमकी दी. अधिकारी ने कहा 'जैसे ही सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि तुम्हारी औकात कैसे हुई मुझे फोन करने की. मैं 20 वर्षों से सांसद हूं. तुम्हें चार जूता मारूंगा. तुम मेरे पीए से बात करो.'

Kirti jha azad abuses officer on phone.

अधिकारी के मुताबिक, सांसद कीर्ति आजाद ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनसे कहा कि मैं 20 वर्षों से सांसद हूं. तुम्हारी औकात कैसे हुई मुझे फोन करने की. जाओ मेरे पीए से बात करो.  

यह कोई पहला ममाला नहीं है जब कीर्ति आजाद पर अधिकारियों के साथ गाली-गलौज का आरोप लगा हो. इससे पहले बाढ़ के दौरान दरभंगा के बिरौल अनुमंडल के एसडीओ के साथ सार्वजनिक रूप से अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लग चुका है. 

दरभंगा सांसद के इस अमर्यादित टिपण्णी के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (बासा) ने आपात बैठक बुलाई है. बासा इससे पहले भी अधिकारी के साथ अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल के कारण कीर्ति आजाद के कार्यक्रम में जाने का विरोध कर चुकी है.

(भाषा इनपुट के साथ)