भोजपुर: 14 दिनों से लापता किशोर का शव बरामद, हत्या की आशंका

जिस तरीके से लालजी नट नामक किशोरी का शव बोरा में बांधकर फेंका गया है उससे संभावना जतायी जा रही कि किसी गुप्त स्थान पर पहले उसकी हत्या की गई है. 

भोजपुर: 14 दिनों से लापता किशोर का शव बरामद, हत्या की आशंका
युवक का शव बरामद. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भोजपुर: जिला के कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के सरैया गांव से करीब 14 दिनों पूर्व से अगवा एक किशोर की हत्या (Murder) कर दी गई और उसके शव को बधार में फेंक दिया गया. मंगलवार की शाम कृष्णागढ़ थाना और धोबहां ओपी क्षेत्र की सीमा से सटे मोहनपुर-बेला गांव के बधार से किशोर का शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया. हत्या के बाद शव को बोरा में बांधकर फेंका गया था. शव करीब 90 फीसदी जले हालत में मिला है.

प्रथम दृष्टया जलाकर हत्या किए जाने की संभावना जताई जा रही है. मृतक की पहचान कृष्णागढ़ थाना के सरैयां गांव निवासी भोला नट के पुत्र लालजी नट (15 वर्ष) के रूप में की गई है. अपहरण और हत्या की इस घटना की शुरुआती जांच में आपसी रंजिश और प्रेम-प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा है. एसपी सुशील कुमार के आदेश पर पुलिस मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है. पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का असली वजह पता चल सकेगा.

ये भी पढ़ें-  बेतिया: महिला नहीं बन पाई मां, ससुरालवालों गला दबाकर की हत्या

12 नवंबर से लापता था लालजी
कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के सरैयां निवासी भोला नट का पुत्र लालजी नट 12 नवंबर से ही लापता था. खोजबीन किए जाने के बाद भी उसका सुराग नहीं मिल सका था, जिसके बाद लापता किशोर के पिता ने कृष्णागढ़ थाना में अपहरण का केस दर्ज कराया था. 14 नवंबर को दर्ज कराई गई प्राथमिकी में भोला नट ने अज्ञात लोगों पर बहला-फुसलाकर अगवा किए जाने का आरोप लगाया था. एक पखवारा गुजरने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका था. इस बीच मंगलवार को मोहनपुर बधार से बोरा में बांधकर फेंका गया शव बरामद होते ही कोहराम मच गया.

कपड़े से हो सकी मृतक की शिनाख्त
दोपहर बाद करीब ढ़ाई बजे पुलिस को सूचना मिली कि धोबहां ओपी अन्तर्गत मोहनपुर बाधार में एक किशोर का अधजले एवं क्षत-विक्षत हालत में शव फेंका हुआ है. सूचना के आधार पर धोबहां और फिर कृष्णागढ़ दोनों थानों की पुलिस वहां पहुंच गई. शव जिस तरीके से क्षत-विक्षत स्थिति में बोरा में बांधकर फेंका गया था उसे लेकर पुलिस पहले इस उधेड़बुन में फंसी रही कि बरामद शव इंसान का हैं या किसी जानवर का. बाद में जब शरीर के भाग से कपड़े मिले तो यह स्पष्ट हो गया कि बरामद शव इंसान का ही है.

शव फेंके होने की सूचना मिलने के बाद भोला नट के परिवार के सदस्य भी मोहनपुर बधार में पहुंचे गए. इसके बाद कपड़े के आधार पर मृतक की पहचान 14 दिनों से लापता किशोर लालजी नट के रूप में की.

बरामदगी के तीन घंटे बाद उठा किशोर का शव
धोबहां ओपी क्षेत्र के मोहनपुर बाधार से किशोर का शव मिलने के करीब तीन घंटे बाद शव उठ सका. इस दौरान धोबहां ओपी एवं कृष्णागढ़ थाना दोनों पुलिस स्टेशन की पुलिस जमी रही. इस दौरान सीमा विवाद को लेकर भी मामला उलझा रहा. बाद में कृष्णागढ़ थाना पुलिस ने शाम साढ़े छह बजे के बाद शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, आरा भेजा. शव दोपहर बाद ही करीब ढाई बजे मिल चुका था.

कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के सरैयां गांव निवासी भोला नट का आरोप है कि दो महीना पहले दशहरा के समय बाढ़ का पानी आया हुआ था. इस दौरान मिट्टी भरने के सवाल को लेकर पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था. मारपीट की घटना भी घटित हुई थी. इधर, 12 नवंबर को जब उसका बेटा मेला से सामान बेचकर आया हुआ था उसके बाद अचानक गायब हो गया था. जिसके बाद उसने केस दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था. लेकिन, पुलिस यह कहकर पहले टालमटोल करती रही कि रिश्तेदारी में गया होगा. बाद में केस दर्ज किया गया. पिता के अनुसार पूर्व में मन्नू, मुकेश एवं छोटक से झगड़ा हुआ था. आठ लोगों के विरुद्ध उसने आशंका जताते हुए पूर्व में आवेदन भी दिया था. पिता ने प्रेम-प्रसंग की बात से इंकार किया है.

जिस तरीके से लालजी नट नामक किशोरी का शव बोरा में बांधकर फेंका गया है उससे संभावना जतायी जा रही कि किसी गुप्त स्थान पर पहले उसकी हत्या की गई है. इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को मोहनपुर-बेला गांव के बधार में फेंका गया है. शव नब्बे फीसदी जले हालत में है, इसलिए जलाकर हत्या किए जाने की अधिक संभावना जतायी जा रही है. हालांकि पूरे घटनाक्रम की जांच भोजपुर पुलिस करने में लग गई है और आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए छपेमारी कर रही है.