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पटना में बढ़ रही है डेंगू मरीजों की संख्या, PMCH में अलग से बनाया गया 35 बेड का वार्ड

पीएमसीएच के डेंगू वार्ड में मरीज का इलाज कर रहे अभिजीत सिंह का कहना है कि डेंगू की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है. जागरुकता की ज्यादा जरूरत है.

पटना में बढ़ रही है डेंगू मरीजों की संख्या, PMCH में अलग से बनाया गया 35 बेड का वार्ड
PMCH में डेंगू के लिए अलग से बनाया गया वार्ड.

पटना : बिहार की राजधानी पटना में पिछले कई दिनों से डेंगू (Dengue) के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. इसे देखते हुए पीएमसीएच (PMCH) में 35 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है, जिसमें 28 मरीजों का इलाज चल रहा है. मरीजों की सुविधा के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है. अतरिक्त डॉक्टर की टीम मरीजों पर नजर रख रही है. आवश्यक दवा और प्लेटसलेट्स की भी पूरी व्यवस्था की गई है.

पीएमसीएच के डेंगू वार्ड में मरीज का इलाज कर रहे अभिजीत सिंह का कहना है कि डेंगू की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है. जागरुकता की ज्यादा जरूरत है. डेंगू एक मौसमी बीमारी है. बरसात का मौसम आते ही मच्छर पनप जाते हैं, लेकिन जैसे ही तापमान में कमी आती है कि डेंगू के मच्छर खुद ही खत्म हो जाते हैं. इसलिए डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है.

उन्होंने बताया कि कुछ बीमारियां ऐसी है, जिसके ऊपर हेल्थ विभाग का कंट्रोल नहीं होता है. नगर निगम और नगर निकाय के द्वारा नालियों की सफाई, रखरखाव, समेत कई अन्य साझा काम करने की आवश्यक्ता है. इसमें स्वास्थ्य विभाग भी शामिल है. 

उन्होंने बताया कि जिस तरह से शहर में विकास हुआ है और तेजी से आबादी बढ़ी है, ऐसे में जलजमाव होना लाजमी है. एसी का इस्तेमाल, गमले में पानी का जमाव डेंगू के मच्छर पैदा करने के साधन बन गए हैं. इसलिए हल्की बुखार के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. तेज बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां नहीं खानी चाहिए.