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धनबाद: BJP विधायक ढुल्लू महतो दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 18 महीने की सजा

कोर्ट ने सभी आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में एक-एक साल, 18 महीने और छह हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

धनबाद: BJP विधायक ढुल्लू महतो दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 18 महीने की सजा
ढुल्लू महतो को कोर्ट ने सुनाई सजा. (फाइल फोटो)

धनबाद: झारखंड के धनबाद (Dhanbad) जिला के बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक ढुल्लू महतो (Dulu Mahto) से जुड़े मामलों में धनबाद की एसडीजेएम (SDJM) शिखा अग्रवाल की कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने ढुल्लू महतो सहित पांच आरोपियों को सजा सुनाया है. कोर्ट ने चुनचुन गुप्ता, राजेश गुप्ता, गंगा साव, रामेश्वर महतो को  भी दोषी माना है. वहीं, बसंत शर्मा को बरी कर दिया गया है.

कोर्ट ने सभी आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में एक-एक साल, 18 महीने और छह हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है. वर्ष 2013 में बरोरा थाना में वारंटी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है.

बीजेपी विधायक पर पुलिस हिरासत से वारंटी को छुड़ाने का आरोप था. साथ ही सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और पुलिस के साथ मारपीट और वर्दी फाड़ने का भी आरोप था. विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह फैसला अहम है. क्योंकि सजा के ऐलान होते हुए विधायक अयोग्य घोषित हो गए. अब वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.

ढुल्लू महतो और विवाद, दोनों का चोली-दामन का साथ है. हाल ही में विधायक ढुल्लू महतो (Dulu Mahto) के रवैये से परेशान एक परिवार उपायुक्त कार्यालय के सामने खुदकुशी करने पहुंच गया. पीड़ित ने बताया कि उसने विधायक के खिलाफ पुलिस और प्रशासन के सभी बड़े अधिकारियों से शिकायत की. इंसाफ के लिए गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. पीड़ित अख्तर हवारी ने बताया कि वो बाघमारा अंचल के सेवी आउटसोर्सिंग में ड्राइवर के पद पर कार्यरत था, जहां विधायक ढुल्लू महतो ने उसका पेमेंट बंद करवा दिया, क्योंकि उसने विधायक को कमीशन देने से इनकार कर दिया था.

वहीं, बेते साल इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एशोसिएशन ने बाघमारा विधायक पर मजदूरों के आढ़ में रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था. व्यवसायियों का आरोप था कि विधायक अपने प्रभाव वाले कोलियरी क्षेत्र से कोयले का उठाव नहीं होने दे रहे हैं. लोडिंग के एवज में प्रति टन 1250 रुपये की मांग की जा रही है, जो पहले 650 रुपये था. इस वजह से कोयले का उठाव बंद है. व्यवसायी ने बैठक कर इनके इलाके में डीओ नहीं लगाने का फैसला भी किया है.