बोकारो: दामोदर नदी को साफ रखने के लिए लोगों ने मनाया गंगा दशहरा पर्व, शहर के लाइफ लाइन को साफ रखने की ली शपथ

Bokaro News: बोकारो शहर के नालियों और कारखाने का गंदा पानी दामोदर नदी को दूषित कर रहा है.  

बोकारो: दामोदर नदी को साफ रखने के लिए लोगों ने मनाया गंगा दशहरा पर्व, शहर के लाइफ लाइन को साफ रखने की ली शपथ
दामोदर नदी के किनारे किया गया गंगा दशहरा पर्व (सांकेतिक फोटो)

Bokaro: बोकारो में दिन-प्रतिदिन प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है. शहर में कल-कारखाना अधिक होने व नियमों को ताख पर रखकर संचालित किए जाने की वजह से यहां का मिट्टी, जल व हवा सब प्रदूषित होने लगा है.
 
बोकारो शहर के नालियों और कारखाने का गंदा पानी दामोदर नदी को दूषित कर रहा है. यही कारण है कि कोरोना महामारी के बीच भी दामोदर नदी को साफ रखने के वचनबद्धता के लिए गंगा दशहरा पर्व मनाया गया है.
 
बोकारो में भी आज लोगों ने नदियों के किनारे गंगा दशहरा मनाने का काम किया है. इस दौरान लोगों ने दामोदर नदी जो बोकारो शहर का लाइफ लाइन माना जाता है उसे साफ रखने का शपथ लिया है.
 
दामोदर बचाव आंदोलन के प्रदेश संयोजय प्रवीण सिंह के नेतृत्व में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आज गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर लॉकडॉउन का पालन करते हुए एवं दामोदर नदी का उफान देखते हुए नदी के किनारे विधिवत पूजा पाठ की गई व गंगा आरती की गई.

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इस अवसर में संयोजक ने बताया कि दामोदर नदी झारखंड वासियो की जीवन रेखा है. इसे साफ सुथरा रखना हमारा दायित्व है. झारखण्ड में कई कल-कारखाने हैं जो अपना गंदा पानी सीधे दामोदर नदी में बहाते हैं.
 
उन्होंने कहा कि हमलोग युगांतर भारती के अध्यक्ष सह विधायक सरयू राय के नेतृत्व में 2004 से दामोदर बचाव का आंदोलन करते आ रहे हैं और जबतक पूरी तरह दामोदर स्वच्छ नहीं हो जाती है तबतक हमलोग इस नदी के बचाव के लिए आंदोलन करते रहेंगे. इसके साथ ही प्रदेश संयोजक प्रवीण सिंह ने लोगों से अपील की है कि दामोदर में कोई गंदगी ना करें.   
 
(इनपुट- मृत्युंजय मिश्रा)