रांची सदर अस्पताल में शुरू डायलाइसिस की सुविधा, निजी हॉस्पिटल के मनमाने चार्ज से मिली राहत

सदर अस्पताल में डायलाइसिस इंचार्ज कौशिक बसु की माने तो काफी संघर्ष के बीच कोरोनावायरस के दौरान इसकी सुविधा उपलब्ध हो पाई है. फिलहाल 5 बेड यानी 5 मशीन लगा है.

रांची सदर अस्पताल में शुरू डायलाइसिस की सुविधा, निजी हॉस्पिटल के मनमाने चार्ज से मिली राहत
रांची सदर अस्पताल में शुरू डायलाइसिस की सुविधा, निजी हॉस्पिटल के मनमाने चार्ज से मिली राहत.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के सदर अस्पताल में आज पहली बार डायलाइसिस सुविधा की शुरुआत की गई है. कोरोना संक्रमण (Corona virus) के दौरान किडनी मरीजों को निजी अस्पताल बंद होने की वजह से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. ऐसे में निजी अस्पतालों के द्वारा किडनी के मरीजों से डायलाइसिस के रूप में मनमाना चार्ज भी वसूला गया है.

सदर अस्पताल में शुरू किए गए इस व्यवस्था से अब बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारकों को निशुल्क यह सुविधा प्रदान की जाएगी. साथ ही सामान्य वर्ग के मरीजों को 1206 रुपए चार्ज देने होंगे. कम से कम किसी भी निजी अस्पतालों में डायलाइसिस कराने में 4000 रुपए खर्च करने होते हैं.

कोरोना संक्रमण के दौरान निजी अस्पताल के बंद होने की वजह से डायलाइसिस की सुविधा भी बाधित हो चुकी थी. ऐसे में किडनी मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

सदर अस्पताल में पहले फेज में आज से 5 बेड की शुरुआत की गई है. इसे आगे बढ़ाकर 20 बेड तक करने की तैयारी है. जिस तरह से लगातार किडनी रोग बढ़ता जा रहा है, ऐसे में डायलाइसिस की सुविधा अनिवार्य हो चुका है. इसी को ध्यान में रखते हुए सदर अस्पताल में डायलाइसिस की व्यवस्था की गई है.

राजधानी रांची से 35 किलोमीटर दूर गेतलसूद के बंदी राम महतो की माने तो फरवरी 2020 से उन्हें डायलाइसिस कराना पड़ रहा है. सप्ताह में दो बार डायलाइसिस कराना पड़ता है. ऐसे में लॉकडाउन के दौरान निजी अस्पताल में उन्हें 9000 रुपए तक प्रति डायलिसिस का चुकाना पड़ा है. उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है. 

बंदी राम महतो की मानें तो उन्होंने अपने इलाज के लिए ट्रैक्टर और जमीन बेच दिया है. उसी से उनका उपचार चल रहा है. सरकार से उन्हें मदद की आस है ताकि वह इस गंभीर बीमारी का इलाज करा सके. सदर अस्पताल में शुरू हो रहे डायलाइसिस की सुविधा से काफी खुश हैं. अब उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा और सही समय पर डायलाइसिस कराकर वह स्वस्थ रहेंगे.

रांची के हिनू इलाके के रहने वाले मोहम्मद बशीर भी आज डायलाइसिस कराने सदर अस्पताल पहुंचे थे. पहली बार डायलाइसिस कराकर सदर अस्पताल में काफी खुश हैं. इस लॉकडाउन के दौरान उन्हें भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. ऐसे में सदर अस्पताल में इसकी सुविधा उपलब्ध होने से मोहम्मद बशीर भी काफी खुश हैं.

सदर अस्पताल में डायलाइसिस इंचार्ज कौशिक बसु की माने तो काफी संघर्ष के बीच कोरोनावायरस के दौरान इसकी सुविधा उपलब्ध हो पाई है. फिलहाल 5 बेड यानी 5 मशीन लगा है.

आज से इसकी शुरुआत हुई है. आगे चलकर इसे 20 बेड तक का करने की प्लानिंग है. सभी कुशल टेक्नीशियन यहां पर उपलब्ध हैं जो मरीजों का डायलाइसिस करेंगे. कोरोना संक्रमण के बीच डायलिसिस कराने आने वाले मरीजों की पहले कोरोना जांच कराया जाएगा और उसके बाद उनका डायलिसिस किया जाएगा. 

सप्ताह में अभी 6 दिन इस सेंटर पर डायलिसिस किया जाएगा आगे चलकर 24 घंटे सातों दिन यह सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है फिलहाल रविवार को मेंटेनेंस और साफ-सफाई को लेकर यह सुविधा नहीं मिल पाएगा.