गया: कभी सताता था 'लाल' आतंक का डर, अब बच्चे स्मार्ट क्लास में संवार रहे हैं जीवन

जहां कभी युवक हथियार पकड़ते थे वहीं, आज अब स्मार्ट क्लास से उच्च शिक्षा को ग्रहण कर रहे हैं. अपने भविष्य को सवार रहे हैं. 

गया: कभी सताता था 'लाल' आतंक का डर, अब बच्चे स्मार्ट क्लास में संवार रहे हैं जीवन
डिजिटल क्लास में पढ़ाई कर रहे बच्चे.

जयकुमार, गया : बिहार में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा विभाग अब स्कूलों में डिजिटल इंडिया (Digital India) और ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था कर शिक्षा के स्तर को सुरक्षित और बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है, ताकि सभी छात्र-छात्राओं को बेहतर तरीके से शिक्षा मिले. इसके लिए सरकार उच्च विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं को स्मार्ट किया जा सके.

गया (Gaya) जिला के मोहनपुर प्रखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र स्थित अमकोहला गांव जिसे एक समय में लाल आतंक से जाना जाता था, लेकिन बदलते समय के साथ-साथ इस इलाके की तस्वीर भी बदल रही है.

जहां कभी युवक हथियार पकड़ते थे वहीं, आज अब स्मार्ट क्लास से उच्च शिक्षा को ग्रहण कर रहे हैं. अपने भविष्य को सवार रहे हैं. इस इलाके की बेटियां भी अब युवकों से पीछे नहीं हैं, वो भी अपने घरों से निकल कर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं.

स्कूल की स्थापना के समय से ही दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी. इनके भरोसे ही स्कूल का संचालन किया जा रहा था, लेकिन जब से बिहार सरकार की उन्नयन बिहार योजना का क्रियान्वयन हुआ है, स्थिति बदली है. स्कूल के छात्र पूरी लगन के साथ स्मार्ट क्लास से अपने सभी विषयों का समाधान करते हैं.