बिहारः कड़ी मेहनत के बाद दो साल में दुर्गेश बना सिपाही से दरोगा

सिपाही से दरोगा बने युवक दुर्गेश कुमार दास की हर तरफ सराहना हो रही है. एसपी और एसडीपीओ ने भी सफल सिपाही से दरोगा बने दुर्गेश को बधाई दी

बिहारः कड़ी मेहनत के बाद दो साल में दुर्गेश बना सिपाही से दरोगा
दुर्गेश दास सिपाही से दरोगा बन गया है.

गोपालगंजः कहते है अगर मन में लगन हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है. गोपालगंज के एक सिपाही ने ऐसा ही कर दिखाया है. जिसने अपनी लगन और मेहनत से न सिर्फ सफलता के परचम लहराए. बल्कि, सिपाही की कड़ी ड्यूटी करते हुए भी दरोगा की बहाली में सफलता हासिल किया है.

सिपाही से दरोगा बने युवक दुर्गेश कुमार दास की हर तरफ सराहना हो रही है. एसपी और एसडीपीओ ने भी सफल सिपाही से दरोगा बने दुर्गेश को बधाई दी और लोगों को सीख लेने की नसीहत दी है.

दुर्गेश कुमार दास भागलपुर का रहने वाला है. बताया जाता है की दुर्गेश ने अपनी मेहनत के बल पर दो साल पहले 2017 में बिहार में सिपाही के पद पर बहाल हुआ था. लेकिन उसका सपना इससे ऊपर उठना था. जिसके बाद सिपाही की कड़ी ड्यूटी के बावजूद उसने अपनी मेहनत जारी रखी. और इस बार दरोगा की बहाली में अपना परचम लहराया.

गोपालगंज में दुर्गेश दो साल से तैनात है. इस दौरान बाढ़ की समस्या और चुनाव की ड्यूटी के बावजूद उसने अपना हिम्मत नहीं हारा. बल्कि, और कड़ी मेहनत के बल पर दरोगा बहाली में सफल हुआ है.

दुर्गेश के दरोगा बनने की खबर जैसे ही गोपालगंज के एसपी राशिद जमा और एसडीपीओ विनय तिवारी को मिली. उन्होंने इस सफल सिपाही को माला पहनाकर सम्मानित किया और लोगों को भी सबक लेने की अपील की.

एएसपी विनय तिवारी ने कहा की सिपाही की ड्यूटी सबसे हार्ड ड्यूटी मानी जाती है. दिनरात मेहनत के बावजूद दुर्गेश ने सफलता हासिल कर एक मिसाल कायम किया है.