शत प्रतिशत वोटिंग के प्रयास में जुटा EC, दिव्यांग-बुजुर्गों वोटर्स के लिए ई-रिक्शा का किया इंतजाम

मतदान में दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाता वोट कर सकें, इसके लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन पदाधिकारी की तरफ से की गई है. 

शत प्रतिशत वोटिंग के प्रयास में जुटा EC, दिव्यांग-बुजुर्गों वोटर्स के लिए ई-रिक्शा का किया इंतजाम
दिव्यांग-बुजुर्ग वोटर्स के लिए EC ने ई-रिक्शा का इंतजाम किया है.

पटना: 3 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए वोट डाले जाएंगे. कोरोना के गंभीर संक्रमण के बावजूद 28 अक्टूबर को जिस तरह से वोटिंग हुई है, उससे चुनाव आयोग का उत्साह और भी बढ़ गया है. पटना जिले में 14 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें पांच पर मतदान हो चुका है. बाकी 9 सीट पर 3 नवंबर को वोटिंग होनी है.

पटना के शहरी इलाकों में भी 3 नवंबर को ही वोटिंग होनी है. जिसको देखते हुए जिला परिवहन कार्यालय ने अपनी तरफ से पूरी तैयारियां की हैं. दूसरी ओर मतदान में दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाता वोट कर सकें, इसके लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन पदाधिकारी की तरफ से की गई है. 

ई-रिक्शा के जरिए दिव्यांग और बुजुर्ग वोटर को उनके घर से उठाकर मतदान केन्द्र तक पहुंचाया जाएगा और फिर वोटिंग के बाद उन्हें घर तक पहुंचा दिया जाएगा. जिला परिवहन पदाधिकारी पुरुषोत्तम के मुताबिक, फिलहाल स्वीप कोषांग की तरफ से 30 ई रिक्शा मांगे गए हैं और ई-रिक्शा को जब्त कर गांधी मैदान पहुंचाया जा रहा है.

गांधी मैदान में ही इन दिनों परिवहन कार्यालय का एक स्पेशल सेल चुनाव के लिए काम भी कर रहा है. दिव्यांग और बुजुर्ग वोटर्स के लिए इस बार ई-रिक्शा का इंतजाम किया गया है. ताकि वो भी शत प्रतिशत वोटिंग कर सकें. इसके लिए ई-रिक्शा के जरिए बुजुर्ग, दिव्यांगों को घर से मतदान केन्द्र तक लाया जाएगा और फिर वोटिंग के बाद उन्हें घर पहुंचाया जाएगा.

दूसरी तरफ पटना के अनुग्रह नारायण कॉलेज को स्ट्रांग रूम और कांउटिंग हॉल बनाया गया है. यहां पर पटना जिले के अंतर्गत आने वाली विधानसभा क्षेत्रों के वोट की मतगणना होगी. लिहाजा यहां सुरक्षा के इंतजाम तगड़े किए गए हैं. वोटिंग हर आदमी का फर्ज होता है और वो सिर्फ इसलिए इससे नहीं चूके क्योंकि उन्हें कोई तकलीफ है. लिहाजा इस बार ई-रिक्शा के इंतजाम किए गए हैं, ताकि कोई मतदाता नहीं छूटे.