सरायकेला में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 4.4 की तीव्रता से हिली धरती

भूकंप के झटके सरायकेला के खरसांवा में महसूस किए गए हैं. यह झटके सुबह के 6.20 के आसपास महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई है.

सरायकेला में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 4.4 की तीव्रता से हिली धरती
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

सरायकेलाः रविवार सुबह झारखंड के सरायकेला में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस दौरान आम लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. लोगों में इस कदर दहशत थी कि वे कई घंटों तक घरों के बाहर ही बैठे रहे. बता दें भूकंप के झटके सरायकेला के खरसांवा में महसूस किए गए हैं. यह झटके सुबह के 6.20 के आसपास महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई है. बता दें खरसांवा के अलावा घाटशीला, मूसाबनी, डुमरिया और गुराबंदा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक भूकंप के झटकों से किसी भी तरह के बड़े नुकसान की खबर नहीं है. मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप का केंद्र खरसांवा में करीब 12 किलोमीटर नीचे रहा. बताया जा रहा है कि भूकंप के झटकों का असर खरसांवा सहित घाटशीला, मूसाबनी, डुमरिया और गुराबंदा में भी रहा. भूकंप की तीव्रता से किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर हल्की दरारों की खबर है.

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बता दें इससे पहले 1 अप्रैल को अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भी भूकंप के कुछ झटके महसूस किए गए थे. अंडमान निकोबार द्वीप समूह में पहला झटका 5.14 पर जिसकी तीव्रता 4.9 रिएक्टर स्केल की तीव्रता से महसूस किया गया था. जिसके बाद लगातार कुछ और झटके महसूस किए गए. अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 1 अप्रैल को आए इस भूकंप में अंतिम झटके 6.54 बजे महसूस किए गए थे, जिसकी तीव्रता 5.2 बताई गई थी.

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भूकंप के दौरान इन चीजों को करने से बचे
- भूकंप के दौरान आपको लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
- बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
- कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं. इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा.
-अगर आप गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें.
- वाहन चला रहे हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें.
-भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं. बड़ी इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहें.
- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने से चोट न लगे.