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Dhaka Assembly Elections: ढाका विधानसभा क्षेत्र का रिजल्ट पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है. ढाका क्षेत्र के लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं कि 178 वोट से चुनाव हारने वाले पवन जायसवाल के समर्थक 178 दिनों में हाइकोर्ट का फैसला आ जाने की उम्मीद कर रहे हैं, तो 178 वोट से चुनाव जीतने वाले फैसल रहमान के समर्थक हाइकोर्ट से अपने पक्ष में आदेश आने की दावा कर रहे हैं. दोनों पक्षों के दावे के बीच मोतिहारी के ढाका विधानसभा का चुनाव बीत जाने के बाद भी आज भी सुर्खियों में है.
दरअसल, ढाका के पूर्व विधायक पवन जायसवाल, जिन्हें लोग कागज का जानकार भी कहते हैं. उन्होंने राजद विधायक फैसल रहमान के खिलाफ 27 आरोप लगाया हैं. पवन जायसवाल का दावा है कि फैसल रहमान ने ना सिर्फ जेल में बंद और विदेश में रह रहे लोगों के फर्जी मतदान से चुनाव जीता, बल्कि उन्होंने नामंकन के दौरान कई सच को छुपाकर चुनाव आयोग के आंखों में धूल भी झोंका.
पवन जायसवाल का आरोप है कि फैसल रहमान पर 89 लाख का लोन, 27 बैंक एकाउंट, पटना एयरपोर्ट थाना में बिजली चोरी और गुवाहाटी में प्रभात की हत्या में फैसल पर एफआईआर दर्ज है. बावजूद इसके इन तमाम मामले को राजद विधायक ने अपने नामांकन के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र में जिक्र नहीं किया है.
हालांकि, राजद विधायक फैसल रहमान पवन जायसवाल के हर सवालों के जवाब को लेकर आश्वस्त हैं. फैसल ने बताया कि जो एकाउंट बंद हो गया उसका जिक्र नहीं किया गया है. साथ ही फैसल का दावा है कि बिजली चोरी का केस खत्म हो गया है और गुवाहाटी में उनके ऊपर कोई एफआईआर दर्ज नहीं है.
राजद विधायक ने बताया कि जहां तक फर्जी मतदान की बात है तो आपका पोलिंग एजेंट, प्रशासन क्या कर रहा था? हालांकि, पूर्व और वर्तमान विधायक दोनों का कॉन्फिडेंस चरम पर है.
क्या है मामला
बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के फैसल रहमान ने बीजेपी के वर्तमान विधायक पवन जयसवाल को 178 मतों से चुनाव में शिकस्त दिया था. मामले को लेकर पवन जयसवाल ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया था. कुछ दिन पूर्व ही लोकसभा में झारखंड के सांसद निशिकांत दुबे ने ढाका विधानसभा में फर्जी वोटिंग को लेकर मामला उठाया था. राजनीतिक गर्मी विधानसभा क्षेत्र में बनी हुई है.
इधर, मामले को लेकर ढाका से बीजेपी के प्रत्याशी रहे पवन जयसवाल ने उच्च न्यायालय पटना में 16 दिसम्बर को चुनाव याचिका केस नंबर ई.पी-5/2025 दायर किया है. जिसमें मुख्य प्रतिवादी राजद विधायक फैसल रहमान को बनाया गया है. जबकि, सहायक प्रतिवादी रिटर्निंग ऑफिसर 21 ढाका विधानसभा, पूर्वी चंपारण जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी पटना और भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली को बनाया गया है.
याचिकर्ता अधिवक्ता के रूप में अनुज कुमार के पैनल को रखा गया है. जिसमें अधिवक्ता अविनाश चंद्रा, अंशुल आर्यन, आदित्यराज सिंह, इशिता राज और शर्यान्शु कुमार को रखा गया है.
बता दें कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दिए एक बयान में पवन जयसवाल ने ढाका विधानसभा में फर्जी वोटिंग को लेकर बताया था कि 298 ऐसे वोट जो लोग विदेश में रहते हैं. तीन लोग मोतिहारी सेंट्रल जेल में हैं, जिनके नाम पर वोट पड़ा. 45 मृत लोगों के नाम पर वोटिंग हुई. 41 दोबारा नाम वाले और 1057 ऐसे लोग हैं, जो राज्य से बाहर रहते है, उनका मतदान विधानसभा में हुआ है. साथ ही मतदान के दिन फर्जी वोटिंग के मामले में छह प्रथमिकी भी दर्ज की गयी है.
रिपोर्ट: पंकज कुमार