मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मधु कोड़ा पर ईडी कोर्ट ने दोबारा तय किया आरोप

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. ईडी ने मधु कोड़ा पर फिर से शिकंजा कसा है.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मधु कोड़ा पर ईडी कोर्ट ने दोबारा तय किया आरोप
ईडी ने मधु कोड़ा पर दोबार आरोप तय किया है. (फाइल फोटो)

रांचीः मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. ईडी का शिकंजा मधु कोड़ा पर कसता ही जा रहा है. ईडी कोर्ट ने मधु कोड़ा सहित 9 आरोपियों के खिलाफ फिर से आरोप गठन किया है. इससे पहले सितंबर 2012 में मधु कोड़ा समेत 7 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किया गया था.

ईडी ने कोड़ा पर शिकंजा कसते हुए आरोपी मनोज बाबूलाल पुनमिया की 2 अन्य कंपनी को शामिल कर फिर से आरोप गठन किया है. इसके बाद अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है. ईडी कोर्ट के न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत ने इस मामले में चार्ज फ्रेम करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की रकम को बढ़ा दिया है.

मनोज बाबूलाल पुनमिया की दो कंपनियां बालाजी लाइफस्टाइल रियलटॉर्स प्राइवेट लिमिटेड और बालाजी यूनिवर्सल ट्रेड लिंक्स प्राइवेट लिमिटेड को शामिल किया है. यह दोनों कंपनियां मुंबई में है. ईडी ने इसपर 138 करोड़ 18 लाख रूपये का मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है.

इसके पूर्व में भी मनोज बाबूलाल पुनमिया मनी लॉन्ड्रिंग में मधु कोड़ा के साथ आरोपी हैं फिलहाल ये जमानत पर हैं और ट्रायल फेस कर रहे हैं. पूर्व में दाखिल चार्जशीट में पुनामिया पर 55.69 करोड़ रुपये मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप था.

मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एतराज जताते हुए कहा कि जब मामला ट्रायल और गवाही फेज में चल रहा है. लेकिन इस दौरान ईडी जांच कर नए दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है, जबकि ईडी पहले ही मामले में न्यायालय के समक्ष जांच पूरी होने की बात कह चुकी है.

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर आरोप है कि उन्होंने हजारों करोड़ रुपये खाड़ी देशों और दक्षिण एशियाई देशों में हवाला के जरिए निवेश किए हैं. मामला सामने आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.