बिहार में शिक्षा विभाग ने लिया अहम फैसला, मिड डे मिल के अनाज का प्रवासियों के लिए होगा इस्तेमाल

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन ने राज्य के सभी 38 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला अधिकारी को चिट्ठी जारी की है.

बिहार में शिक्षा विभाग ने लिया अहम फैसला, मिड डे मिल के अनाज का प्रवासियों के लिए होगा इस्तेमाल
क्वारंटाइन केन्द्रों में रह रहे लोगों को अनाज दिलाने के लिए अहम फैसला लिया है. (फाइल फोटो)

पटना: शिक्षा विभाग ने बिहार भर के क्वारंटाइन केन्द्रों में रह रहे लोगों को अनाज दिलाने के लिए अहम फैसला लिया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन ने राज्य के सभी 38 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला अधिकारी को चिट्ठी जारी की है.

आर के महाजन ने चिट्ठी जारी कर लिखा है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूलों में पड़े अनाज का इस्तेमाल प्रवासी लोगों के खाने के लिए हो. दरअसल,मध्याह्न भोजन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 के चौथे सत्र का अनाज स्कूलों में पहुंचाया जा चुका था.

बिहार भर में सैकड़ों क्वारंटाइन सेंटर में दूसरे राज्यों से आए लोग रह रहे हैं. लिहाजा भोजन उपलब्द कराने के मकसद से शिक्षा विभाग ने ये फैसला लिया है. शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि जिस स्कूलों में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं वहां पहले से पड़े अनाजों का उपयोग प्रवासी मजदूरों के खान-पान के लिए हों. 

यहीं नहीं शिक्षा विभाग ने निर्देश में ये भी कहा है कि जिन स्कूलों में क्वारंटाइन केन्द्र बने हैं उसका अनाज दूसरे केन्द्रों पर पहुंचाया जाए.दोबारा क्लास शुरू होने पर जिला प्रशासन अनाज उपलब्ध कराया जाए .बिहार में मध्याह्न भोजन योजना के तहत क्लास एक से लेकर क्लास आठ तक के लाखों बच्चों को अलग-अलग दिन के हिसाब से दोपहर का भोजन दिया जाता है.

शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि,क्योंकि बिहार में लॉकडाउन है स्कूल बंद हैं  लिहाजा मध्याह्न भोजन योजना का खाना नहीं मिल रहा है.जिसके एवज में छात्रों के खाते में ही राशि भेजी जा रही है.