महाराष्ट्र-हरियाणा के नतीजों का असर, झारखंड में PM मोदी की 8 से 10 रैलियां

महाराष्ट्र और हरियाणा में नतीजों ने बीजेपी के लिये झारखंड विधानसभा चुनाव करो और मारो वाली स्थिति में डाल दिया है. पार्टी की पूरी कोशिश है विपक्ष की एकता के बावजूद सत्ता को बरकरार रखा जाए. 

महाराष्ट्र-हरियाणा के नतीजों का असर, झारखंड में PM मोदी की 8 से 10 रैलियां
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों से सबक लेते हुआ बीजेपी ने तय किया है कि आने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के लिए अब पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी  झारखंड विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 8 से 10 रैलियों को संबोधित करेंगे. खबर है कि नवम्बर के अगले हफ्ते से पीएम मोदी झारखंड के पलामू -डाल्टनगंज क्षेत्र से प्रचार की शुरुआत करेंगे. खबर है कि पीएम मोदी झारखंड में एक दिन में दो रैलियों को संबोधित करेंगे. खबर यह भी है कि कार्यक्रम की सारी रूपरेखा तैयार कर ली गई सिर्फ पीएम से तारीखों की हरी झंडी मिलने का इंतजार है.

महाराष्ट्र-हरियाणा से लिया सबक
बता दें कि महाराष्ट्र और हरियाणा में नतीजों ने बीजेपी के लिये झारखंड विधानसभा चुनाव करो और मारो वाली स्थिति में डाल दिया है. पार्टी की पूरी कोशिश है विपक्ष की एकता के बावजूद सत्ता को बरकरार रखा जाए. इसलिय प्रचार का फोकस झारखंड राज्य सरकार के कामकाज पर तो रहेगा ही लेकिन केंद्र की वैसी योजनाओं का प्रचार का मुख्य बिंदु बनाया जा सकता है, जो राज्य में काफी सफल रही है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री को झारखंड के हर हिस्से में प्रचार कराने की भी रणनीति बनाई जा रही है.

बीजेपी-आजसू में सीटों को लेकर फंसा है पेंच
दूसरी तरफ बीजेपी आजसू के बीच झारखंड में सीटों को लेकर जारी गतिरोध को भी खत्म करने की कोशिश की जा रही है.बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कल आजसू अध्यक्ष सुदेश मेहतो से बात कि थी. बीजेपी आजसू को 10 सीटें देने को तैयार हैं . लेकिन आजसू 17 सीटें चाहती हैं . माना जा रहा है कि सीटों को लेकर एक दो दिन बात फाइनल हो जायेगी. सम्भवना है कि दोनों दलों के बीच 2 से 3 सीट पर दोस्ताना मुकाबला भी हो जाये. हालांकि बीजेपी नेतृत्व की कोशिश है कि ऐसा न हो.

सूत्रों के अनुसार चक्रधरपुर विधानसभा से बीजेपी के प्रदेश लक्ष्मण गिलुआ के ख़िलाफ़ आजसू ने जो अपना उम्मीदवार उतारा हैं उसको वापस लिया जाएगा. सूत्रों का ये भी कहना है कि उम्मीदवार और सीट को लेकर इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. जीतनेवाले उम्मीदवारों पर ही दांव चला जायेगा.