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आम हो या खास सभी को ट्रैफिक नियम का पालन करना चाहिए : परिवहन मंत्री संतोष निराला

मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 (Motor Vehicle Act 2019) लागू होने के बाद पटना पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ वाहन जांच में लगी है. क्या आदमी, क्या अधिकारी, क्या नेता, क्या पुलिस ट्रैफिक उल्लघंन करने पर पुलिस किसी को भी नहीं बख्स रही है. 

आम हो या खास सभी को ट्रैफिक नियम का पालन करना चाहिए : परिवहन मंत्री संतोष निराला
बिहार सरकार में परिहन मंत्री संतोष निराला.

पटना: मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 (Motor Vehicle Act 2019) लागू होने के बाद पटना पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ वाहन जांच में लगी है. क्या आदमी, क्या अधिकारी, क्या नेता, क्या पुलिस ट्रैफिक उल्लघंन करने पर पुलिस किसी को भी नहीं बख्स रही है. नए ट्रैफिक नियम पर बिहार सरकार में परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने ZEE मीडिया से ख़ास बातचीत में कहा कि कानून सबके लिए बराबर है चाहे कोई भी हो. 1 सितंबर से देश भर में मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 लागू है. पटना शहर में सघन जांच जारी है. आपने जैसे ही ट्रैफिक नियम का उल्लघंन किया पुलिस तुरंत चालान काट देती है. उन्होंने कहा कि नया ट्रैफिक नियम सब पर लागू है चाहे कोई अधिकारी हों या जनप्रतिनिधि हों. उन्होंन कहा कि ट्रैफिक नियम उल्लघंन पर एक दारोगा को भी संस्पेंड किया गया है. 

उन्होंने कहा कि नया नियम लोगों के सुरक्षा के लिए बनाया गया न कि खजाना की भरपाई के लिए. पूरे बिहार में सघन जांच चलाए जा रहे हैं. उन्होंने लोगों से अपील किया कि ट्रैफिक नियम का पालन करें. साथ ही कहा कि पुलिस को भी कार्रवाई करते हुए लोगों से मैत्रीपूर्ण संबंध अपनाना चाहिए. मंत्री ने कहा कि अब हर प्रखंड में प्रदूषण जांच केन्द्र बनाया जाएगा, लाइसेंस ऑफिस में भीड़ को देखते हुए अलग से काउंटर बनाए गए हैं. 

मंत्री संतोष कुमार ने तो ये बात ज़रूर कही कि सभी को ट्रैफिक नियम का पालन करना चाहिए. लेकिन ट्रैफिक नियम का उल्लघंन करते ऐसे लोग नजर आए जो सरकार के साथ सिस्टम का पार्ट हैं. पटना के नया म्यूज्यिम के सामने पुलिस रोककर वाहन का जांच कर रही है. पुलिस ने एक गाड़ी को रोकी, इसपर सवार थे नगर निगम के अभियंता, ये महाशय सीट बेल्ट नहीं लगाए थे, पुलिस ने तुरंत चालान काट दिया. हालांकि अभियंता ने कहा कि वह ट्रैफिक नियम का पालन करते हैं. 

एक अन्य बड़ी कार पर एक पार्षद पीछे वाली सीट पर बैठे मिले. आगे वाली सीट पर बॉडीगार्ड बिना सीट बेल्ट लगाए बैठा था. बॉडीगार्ड से जब मीडिया ने पूछा कि आपने नियम का उल्लघंन किया कि तो बॉडीगार्ड ने कहा कि उनके लिए बेल्ट लगाना जरूरी नहीं, क्योंकि बॉडीगार्ड सीट बेल्ट नहीं पहनते. ट्रैफिक पुलिस उनकी दलील को अनसुना किया और 1000 रुपए का चालान काट दिया. 

पीछ बैठे पार्षद ने गलती मानी और जुर्माना की राशि दिया. अब बारी आई एक नेता की. ये नेता खुद को एक राष्ट्रीय पार्टी का कार्यकर्ता बताया. नेताजी को पता नहीं कि आगे के सीट पर बैठने वाले को सीट बेल्ट लगाना जरूरी है. इनका भी चालान काट दिया गया. अब बारी थी पुलिसवाले की. बाइक पर सवार पीछे वाले पुलिस जवान हेलमेट नहीं पहन रखा था. जैसे ही इनकी नजरर मीडिया पर पड़ी बाइक की स्पीड बढ़ाई और भाग खड़े हुए. 

यही नहीं कई आम लोग भी पुलिस से उलझ पड़े, लोग ये भी कह रहे हैं कि जुर्माना ज्यादा है, सरकार को जुर्माने की राशि कम करनी चाहिए. कई लोगों ने आरोप लगाए कि जांच की कार्रवाई में लगी पुलिस अपने बिरादरी के लोगों की जांच नहीं करती, लेकिन पुलिस इस आरोप को निराधार बताया. पुलिस का कहना है कि ये नियम लोगों की सुरक्षा के लिए है. लोग ट्रैफिक नियम का पालन करें और सुरक्षित रहें.