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झारखंड: रांची में लफंगों के निशाने पर 108 एंबुलेंस सेवा, फेक कॉल कर करते हैं परेशान

इस योजना के सफल होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों को 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा चुका है.

झारखंड: रांची में लफंगों के निशाने पर 108 एंबुलेंस सेवा, फेक कॉल कर करते हैं परेशान
108 एंबुलेंस सर्विस पर कॉल कर रहे हैं लफंगे. (फाइल फोटो)

सौरभ शुक्ला, रांची: झारखंड सरकार (Jharkhand Government) की महत्वाकांक्षी योजना 108 एंबुलेंस (Ambulance) सेवा का आजकल कुछ असमाजिक तत्व पलीता लगाने में लगे हैं. एंबुलेंस सेवा के लिए आजकल जितनी भी कॉल आती हैं, उनमें से ज्यादातर फर्जी होती हैं. जिससे कॉल सेंटर कर्मियों को काफी परेशानी होती और जरूरतमंदों तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है. 

दरअसल, झारखंड सरकार ने 15 नंवबर 2017 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) के हाथों एंबुलेंस योजना का शुभारंभ कराया था. मकसद था गांव और दूर-दराज रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर मेडिकल सुविधा मिलना और उन्हें अस्पताल लाना. योजना सफल भी रही. मरीजों को इसका लाभ भी मिला. कई लोग जिन्हें अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत थी, उन्होंने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस सेवा का लाभ लिया.

इस योजना के सफल होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों को 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा चुका है. कहीं से भी मरीजों को अस्पताल जाने में परेशानी न हो इसके लिए 317 एंबुलेंस दिन-रात झारखंड के सभी जिलों में दौड़ती रहती है, लेकिन अब कुछ असमाजिक तत्व इसमें बाधा पैदा कर रहे हैं. लगातार फेक कॉल कर रहे हैं.

कॉल सेंटर कर्मियों की मानें तो उन्हें भी इन फेक कॉल से काफी परेशानी होती है, क्योंकि फेक कॉल के कारण फोनलाइन बिजी रहती है. जिन्हें इसकी जरूरत होती है वो इसका लाभ नहीं ले पाते हैं. सरकार भी इसको लेकर एक्शन में आ गई है. फेक कॉल करने वालों पर शिकंजा कसने की बात कह रही है.

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