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झारखंड : बारिश नहीं होने से पलामू के किसान झेल रहे हैं सुखाड़ की मार

प्रकृति पर निर्भर रहने वाले पलामू के किसानों को फिर एक बार मायूसी हाथ लग रही है. उनका कहना है कि अभी तक बारिश नहीं होने के कारण से फसल बर्बाद हो रहे हैं. 

झारखंड : बारिश नहीं होने से पलामू के किसान झेल रहे हैं सुखाड़ की मार
बारिश नहीं होने से किसान परेशान.

अमित कुमार/पलामू : इस साल भी पलामू के किसान सुखाड़ की मार झेल रहे हैं. आद्रा नक्षत्र बीतने के बाद भी अभी तक खेत सूखे पड़े हैं. शुरुआती दौर की बारिश में किसानों ने जो फसल बोए थे, वे बर्बाद हो रहे हैं. धान के बीज सूख रहे हैं. बारिश नहीं होने के कारण पलामू के किसानों का बुरा हाल है.

बीते पांच वर्षों से लगातार सुखाड़ की मार झेल रहे पलामू के किसानों को इस बार भी सुखाड़ के संकेत मिलने लगे हैं. शुरुआती दौर में हुई बारिश में किसानों ने खेतों में हल चलाना शुरू कर दिया था. मक्का और दलहन का फसल बोया था. धान के बिचड़े लगाए गए थे. बारिश नहीं होने के कारण फसल पूरी तरह सूखने लगे हैं.

प्रकृति पर निर्भर रहने वाले पलामू के किसानों को फिर एक बार मायूसी हाथ लग रही है. उनका कहना है कि अभी तक बारिश नहीं होने के कारण से फसल बर्बाद हो रहे हैं. धान की पैदावार की भी संभावनाएं अब दूर होती दिख रही है.

बादलों को निहारते-निहारते पलामू के किसानों की आंखे पथरा गई हैं. चैनपुर में वर्षों से कई सिंचाई योजनाएं अधूरे पड़े हैं. किसी भी जनप्रिनिधी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है. चुनाव के दौरान किसान भले ही मुद्दा होते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ मायूसी ही हाथ लगती है. किसानों का कहना है कि सरकार अगर सिंचाई का साधन देती तो हमारी स्थिति ऐसी नहीं होती.

कुल मिलाकर प्रकृति पर निर्भर रहने वाले पलामू के किसान इस बार भी आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. यहां के किसान कई वर्षों से इसी हालात से गुजर रहे हैं. न तो प्रशासन को फिक्र है और न ही सरकार को. ऐसे में किसान जाए तो जाए कहां.

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