Vaccine को लेकर दादा-दादी को सता रही थी ये चिंता...महिला बोली- डर के आगे जीत है

Bihar Corona Vaccination: बिहार में पहला वैक्सीन लेने के बाद स्वास्थ्यकर्मी काफी खुश नजर आए. उन्होनें आम लोगों से टीका लेने की बात कहते हुए सरकार पर भरोसा रखने की भी अपील की. वहीं, कार्यक्रम में मौजूद रहे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को ऐतिहासिक दिन बताया है. मंगल पांडेय ने कहा कि 'ये गर्व की बात है कि देश को अपना स्वदेशी टीका मिला है.

Vaccine को लेकर दादा-दादी को सता रही थी ये चिंता...महिला बोली- डर के आगे जीत है
रंजू रानी बनी टीका लेने वाली बिहार की पहली महिला

पटना: शनिवार को देश की तरह पूरे बिहार में भी टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई. पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल में सफाई कर्मी रामबाबू को सबसे पहले टीका दिया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने किया, इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य महकमे के सभी आला अधिकारी आईजीआईएमएस अस्पताल में मौजूद थे. इस मौके पर नीतीश कुमार ने कहा कि 'पूरे देश के साथ बिहार में भी टीकाकरण की शुरुआत हुई है. बिहार में सभी जगहों पर टीकाकरण अभियान चलेगा, शुरुआत के मौके पर हम भी इस अभियान के लिए मौजूद रहेगें'.

बता दे कि पूरे बिहार में पहला वैक्सीन लेने के बाद स्वास्थ्यकर्मी काफी खुश नजर आए. उन्होनें आम लोगों से टीका लेने की बात कहते हुए सरकार पर भरोसा रखने की भी अपील की. वहीं, कार्यक्रम में मौजूद रहे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को ऐतिहासिक दिन बताया है. मंगल पांडेय ने कहा कि 'ये गर्व की बात है कि देश को अपना स्वदेशी टीका मिला है. बिहार में अभी 3980 एक्टिव केस और 97.97 रिकवरी रेट है. बिहार के स्वास्थ्यकर्मियों ने पिछले 9 महीने में कोई छुट्टी नही ली है, सभी मरीज की सेवा में लगे हैं'. स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि 'इस साल मार्च के अंत तक और दो से तीन कंपनियों के टीके उपलब्ध हो जाएंगे. अभी 1 करोड स्वास्थ्यकर्मी 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर और 27 करोड़ ऐसे लोगों को टीका देने है, जिनकी उम्र 50 साल है या जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं'.  

इधर, टीका लेने के बाद रामबाबू ने कहा कि वह काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं. 'ऐसा लगा ही नहीं कि हमने टीका लिया है. मन में डर भय नहीं है, परिवार वालों ने भी टीका लेने पर सहमति जतायी है'. टीका लेने वाली बिहार की पहली महिला रंजू रानी ने भी जी मीडिया के साथ अपने विचार शेयर किए. आईजीआईएमएस में लैब टेक्नीशियन के रुप में काम करने वाली रंजू रानी ने कहा कि 'टीका लेने के बाद कुछ भी बदलाव नहीं हुआ है, सबको लेना चाहिए और सरकार पर भरोसा करना चाहिए. अभी कोई साईड इफेक्ट नहीं हुआ और आगे भी नहीं होगा'.

रंजू रानी ने बताया कि उन्हें इंजेक्शन लेने से पहले डर था. लेकिन इजेक्शन के बाद वो खत्म हो गया. रामबाबू और रंजू रानी की तरह आईजीआईएमएस में कई स्वास्थ्यकर्मियों ने भी टीका लगवाया. इस मौके पर कुछ कर्मी तो कोरोना काल के दिन को याद करके काफी भावुक हो गए. आईजीआईएमएस में ऑफिस असिस्टेंट आनंद स्वरुप मंडल ने बताया कि महीनों से उन्हें इस पल का इंतजार था. 'कोरोना काल में काफी डर लगा रहता था. घर वालों से बचकर रहना पड़ता था और ऑफिस में भी डर के ही काम करते थे'.  

वैक्सीनेशन की शुरुआत से पहले पीएम के भाषण ने भी स्वास्थ्यकर्मियों के हौसले बुलंद किए. आईजीआईएमएस में नर्सिंग ऑफिसर के रुप में काम करने वाली सोनाली भी वैक्सीन लेने को लेकर काफी उत्साहित नजर आईं. सोनाली ने कहा कि पहले उन्हें डर लग रहा था लेकिन पीएम की बातों को सुनकर उनका डर चला गया. 'कोरोना काल मे घर जाना मुश्किल था छुट्टियां नहीं मिलती थीं. वैक्सीन लेने से पहले घर गयी थी, घर के बुजुर्ग दादा-दादी थोड़े डरे हुए थे. उनका कहना था कि अभी सबसे पहले क्यों लेना बाद में टीका लेना चाहिए. मैंने उन्हें समझाया कि हम फ्रंटलाईन वर्कर हैं हम टीका लेंगे तभी दूसरे लेने के लिए आगे आएंगे'.