झारखंड: पहले चरण के लिए तेज हो चुकी है चुनावी सरगर्मी, आसमान में मंडरा रहे उड़नखटोले

झारखंड में 5 चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव में 30 नवंबर को पहले चरण के लिए मतदान होना है. मतदाताओं को रिझाने के लिए सभी दलों की जोर आजमाइश जारी है. नेताओं का उड़नखटोला भी आसमान में खूब मंडरा रहा है.

झारखंड: पहले चरण के लिए तेज हो चुकी है चुनावी सरगर्मी, आसमान में मंडरा रहे उड़नखटोले
पहले चरण के लिए झारखंड में चुनाव प्रचार चरम पड़.

डाल्टनगंज: पहले चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections 2019) को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है. सभी दलों ने चुनाव प्रचार को धार दे दिया है. नेता के आसमान में मंडराते हेलीकॉप्टर, जमीन पर उतरते ही लोगों के कौतूहल का विषय बन जाता है. 30 तारीख को मतदान तो होना है लेकिन, छतरपुर की जनता आज भी यहां की समस्याओं के निजात को लेकर उम्मीद लगाए बैठी है. छतरपुर विधानसभा क्षेत्र आज भी पिछड़ा है. यहां के लोगों को खेत में पानी चाहिए. छात्रों को उच्च शिक्षा के साधन चाहिए. रोजगार चाहिए साथ ही पलायन से मुक्ति भी.

झारखंड में 5 चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव में 30 नवंबर को पहले चरण के लिए मतदान होना है. मतदाताओं को रिझाने के लिए सभी दलों की जोर आजमाइश जारी है. नेताओं का उड़नखटोला भी आसमान में खूब मंडरा रहा है.

जैसे ही उड़नखटोला जमीन पर उतरता है, इसे देखने वालों की भीड़ लग जाती है. हर चुनाव में जनता उम्मीद से पहुंचती है कि शायद अब उनके इलाके की समस्या दूर हो जाएगी लेकिन, छतरपुर विधानसभा क्षेत्र आज भी पिछड़ा है. इस इलाके के लोगों की मानें तो उनके यहां आज भी सभी समस्याएं जस की तस है. सिंचाई का अब भी उचित साधन नहीं होने के कारण खेती भगवान भरोसे ही होती है. उच्च शिक्षा के साधन अब भी यहां नहीं हैं.

छतरपुर विधानसभा में भी चुनावी रफ्तार चरम पर है. हर दिन बड़े नेता इस इलाके में भी चुनाव प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं. समस्याएं आज भी जस की तस है. छतरपुर विधानसभा में भी पलायन बड़े पैमाने पर होता है. लोगों की मानें तो स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की जरूरत है.

झारखंड गठन के 19 साल बीत चुके हैं. चुनावी मैदान में अपने दावे और वादों के साथ हर दल मैदान में हैं. सभी को जनता का आशीर्वाद चाहिए लेकिन जनता आज भी अपने सवालों के साथ पूछ रही कि कब बदलेगी हमारे इलाके की तस्वीर. कब मिलेगी बुनियादी सुविधाएं.