बिहार: 16 जिलों में बाढ़ का 'कहर', चलाए जा रहे 7 राहत शिविर और 1 हजार सामुदायिक किचन

राज्य के 16 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. इन जिलों में सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण समस्तीपुर सीवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा शामिल हैं. 

बिहार: 16 जिलों में बाढ़ का 'कहर', चलाए जा रहे 7 राहत शिविर और 1 हजार सामुदायिक किचन

पटना: बिहार में बाढ़ का कहर कम नहीं हो रहा है. राज्य के 16 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. इन जिलों में सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण समस्तीपुर सीवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा शामिल हैं. 

बिहार में 129 प्रखंड में बाढ़ की वजह से प्रभावित हुए हैं. बिहार के कुल 1282 पंचायत के 77 लाख 77 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. बिहार सरकार ने 5 लाख 47 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है. आपको बता दें कि राहत शिविर के नाम पर बिहार में फिलहाल सिर्फ 7 शिविर चलाए जा रहे हैं, जिसमें 12 हजार 479 लोगों ने शरण ली है.

जानकारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावितों को खाना खिलाने के लिए 1006 समुदायिक किचेन केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिसमें 8 लाख 90 हजार से अधिक लोग भोजन कर रहे हैं. जबकि बाढ़ में डूबने से 24 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 69 पशुधन की भी जान गई है. जबकि राहत बचाव कार्य में एनडीआरएफ (NDRF) और एसपीआरएफ (SDRF) की 33 टुकड़िया लगी हुई है.

बता दें कि, बिहार में बाढ़ को लेकर सरकार का दावा है कि, हर संभव मदद प्रभावित लोगों को पहुंचाई जा रही है. जबकि, विपक्ष का आरोप है कि, सरकार ने बाढ़ को लेकर कोई तैयारी नहीं की है और बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से बुरी तरह परेशान हैं.