बिहार में बाढ़ से त्राहिमाम, 24 लोगों की हो चुकी है मौत, 16 जिले प्रभावित

बिहार के 16 जिले बाढ़ प्रभावित हैं. सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण, समस्तीपुर, सिवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा में बाढ़ की पानी घुस गया.

बिहार में बाढ़ से त्राहिमाम, 24 लोगों की हो चुकी है मौत, 16 जिले प्रभावित
बिहार के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं.

पटना: बिहार में बाढ़ का कहर नहीं होता दिख रहा है. बिहार के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण, समस्तीपुर, सिवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा में बाढ़ की पानी घुस गया.

बिहार में 126 प्रखंड में में बाढ़ से त्राहिमाम मचा हुआ है. बिहार के कुल 1240 पंचायत के 74 लाख 40 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. सरकार ने 5 लाख 8 हजार सेअधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है. राहत शिविर के नाम पर मात्र 7 शिविर चलाए जा रहे हैं जिसमें 11 हजार 849 लोग शरण ली है.

बाढ़ प्रभावितों को खाना खिलाने के लिए 1239 समुदायिक किचेन केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिसमें 9 लाख 39 हजार सेअधिक लोग भोजन कर रहे हैं. बाढ़ में डूबने से 24 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 66 पशुधन की भी जान गई है. राहत बचाव कार्य में एनडीआरएफ और एसपीआरएफ की 33 टुकड़िया लगी हुई है.

वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि हाल के वर्षो में नेपाल बाढ़ रोकने के कार्यो में सहयोग नहीं कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देश में बाढ़ की स्थिति एवं बाढ़ प्रबंधन के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नेपाल में ज्यादा बारिश के कारण उत्तर बिहार बाढ़ से प्रभावित होता है. 

भारत नेपाल समझौते के आधार पर बिहार का जल संसाधन विभाग सीमावर्ती इलाके में बाढ़ प्रबंधन का कार्य करता है. हाल के वर्षो में नेपाल सरकार द्वारा पूरा सहयोग नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा, "वर्ष 2008 में कोसी त्रासदी के समय भी बांध टूटने से बिहार पूरी तरह प्रभावित हुआ था. इस वर्ष भी मधेपुरा जिले में पहले से बने हुए बांध की मरम्मत और मधुबनी में नो मैन्स लैंड में बने बांध की मरम्मत कार्य में नेपाल सरकार द्वारा सहयोग नहीं किया गया."