बिहार: कई जिलों में बाढ़ की स्थिति, जिलाधिकारियों को दिया गया अलर्ट रहने का निर्देश

 नेपाल एवं गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी के जलश्राव (डिस्चार्ज) एवं नदी के जलस्तर में, काफी वृद्धि होने की संभावना है. 

बिहार: कई जिलों में बाढ़ की स्थिति, जिलाधिकारियों को दिया गया अलर्ट रहने का निर्देश
गंडक नदी के जलश्राव (डिस्चार्ज) एवं नदी के जलस्तर में, काफी वृद्धि होने की संभावना है.(फाइल फोटो)

पटना: नेपाल एवं गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी के जलश्राव (डिस्चार्ज) एवं नदी के जलस्तर में, काफी वृद्धि होने की संभावना है. भारी बारिश के कारण पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली एवं सारण जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने इन क्षेत्रों में भारी बारिश एवं संभावित बाढ़ (Flood) की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग एवं सभी संबंधित जिलाधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट में रहने का निर्देश देते दिया है. साथ ही, सीएम ने कहा है कि, गंडक नदी के जलश्राव वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों का निष्क्रमण कराकर, उन्हें चिन्हित ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें.

वहीं, मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तरह तैयार रहने का भी निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि, निष्क्रमित आबादी के बीच साहाय कार्य पूरी तत्परता के साथ करें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े.

उन्होंने कहा कि, एसओपी (SOP) के अनुसार इनके लिए सारी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. निष्क्रमित आबादी वाले क्षेत्रों में अगर कोई कंटेनमेंट जोन चिन्हित हो तो, उनके लिए अलग आपदा राहत केन्द्र बनाकर उन्हें सहायता पहुंचाई जाए. ऐसे लोगों को सामान्य बाढ़ पीड़ितों से पृथक रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करें.

सीएम ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि, राहत केन्द्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) एवं मास्क (Mask) का प्रयोग अनिवार्य रूप से हो रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि, जिन क्षेत्रों से आबादी का निष्क्रमण हो रहा है, उन क्षेत्रों में पशुओं के लिये भी समुचित चारे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाय.

उन्होंने निर्देश दिया है कि, जल संसाधन विभाग अपने सभी अभियंताओं को आक्रमण्य स्थलों पर पूरी तरह अलर्ट रखें, ताकि तटबंधों की पूर्ण सुरक्षा की जा सके. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि, जिलों में पूर्व से प्रतिनियुक्त एनडीआरएफ (NDRF) एवं एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा जाय, ताकि किसी भी प्रतिकूल स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.