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उत्‍तर से पूर्व तक बाढ़ का कहर, असम-बि‍हार में 49 की मौत, चेन्‍नई,दिल्‍ली में बारिश का इंतजार खत्‍म

देश उत्‍तर पश्‍च‍िम के साथ नॉर्थ ईस्‍ट के हिस्‍से बाढ़ और ज्‍यादा बारिश से परेशान हैं तो वहीं चेन्‍नई और दिल्‍ली एनसीआर में लंबे समय बाद हुई बार‍िश ने लोगों के चेहरों पर खुशी ला दी है. वहीं असम और बिहार में करीब 50 लोगों की मौत बाढ़ के कारण हुई है. हजारों लाखों लोगों को बाढ़ के कारण अपना घर बार छोड़ना पड़ा है.

उत्‍तर से पूर्व तक बाढ़ का कहर, असम-बि‍हार में 49 की मौत, चेन्‍नई,दिल्‍ली में बारिश का इंतजार खत्‍म
असम के ज्‍यादातर हिस्‍से बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं. फोटो: रॉयटर्स

नई दिल्‍ली: मानसून ने करीब करीब पूरे देश में दस्‍तक दे दी है. बिहार, असम समेत नॉर्थ ईस्‍ट के कई राज्‍यों में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्‍त व्‍यस्‍त है. सिर्फ असम और बिहार में ही 49 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है. त्र‍िपुरा और असम से भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. बि‍हार में 34 और असम में 15 लोगों की मौत हो गई है. उधर चेन्‍नई में लंबे इंतजार के बाद बादल जमकर बरसे. इस बारिश ने लोगों के चेहरों पर मुस्‍कान बिखेर दी. बता दें कि चेन्‍नई समेत तमिलनाडु का बड़ा हिस्‍सा सूखे की मार झेल रहा है.

असम में लाखों लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. हजारों लोगों को राहत कैंपों में भेजा गया है. यही हाल त्र‍िपुरा में है. असम के काजीरंगा नेशनल पार्क बाढ़ के पानी में डूब गया है. जिससे वहां पर वन्‍य जीवों के सामने संकट खड़ा हो गया है.

बिहार में बाढ़ से 24 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण
बिहार के उत्तरी हिस्सों के लगभग सभी जिलों में शहर से गांव तक बाढ़ का पानी कहर ढा रहा है. लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं. बाढ़ से राज्य में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया.

बिहार के जिन इलाकों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है, उनमें अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और सहरसा जिला शामिल हैं. आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 77 प्रखंडों की 546 पंचायतों के 25 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ता देखा जा रहा है. बिहार जल संसाधन विभाग के प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि बागमती ढेंग, सोनाखान, डूबाधार, कनसार और बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 26 टीमें लगाई गई हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 196 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं.  मुजफ्फरपुर जिले में बागमती के उफानाने से कटरा व औराई में बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है. दो हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. पूर्वी चंपारण के नए इलाकों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है.

उप्र में नदियों के जलस्तर खतरे के निशान पार
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. इस कारण सूबे के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. प्रदेश में प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. लखीमपुर खीरी पलियां कला से बहने वाली शारदा नदी काफी उफान मार रही है. यह खतरे के निशान को पार करते हुए 154.290 मीटर तक पहुंच गई है. यहां पर कटान के कारण कई गांव जलमग्न हैं. लोग बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं.

बलरामपुर और श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी रविवार को खतरे के निशान को पार कर गई. बलरामपुर नदी का जल स्तर लाल निशान से 29 सेमी. तो श्रावस्ती में 80 सेमी. ऊपर बह रही है. नदी प्रति घंटे दो सेमी. की रफ्तार से बढ़ रही है. नदी के तटवर्ती करीब तीन दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. एक दर्जन गांव ऐसे हैं जिनमें पानी घुस गया है.