बिहार: शरद पवार और मांझी की मुलाकात के बाद गरमाया सियासी पारा, खूब हुई बयानबाजियां

आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने जीतन राम मांझी और शरद पवार की मुलाकात को लेकर बयान दिया था कि दोनों के बीच बीजेपी को पराजित करने के लिए एक नीति बनाए जाने को लेकर मुलाकात हुई होगी.

बिहार: शरद पवार और मांझी की मुलाकात के बाद गरमाया सियासी पारा, खूब हुई बयानबाजियां
शरद पवार और मांझी की मुलाकात के बाद चढ़ा बिहार का सियासी पारा.

पटना: जीतन राम मांझी और शरद पवार की मुलाकात को लेकर बिहार का सियासी पारा गरमाने लगा है. मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए VIP के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा एक दूसरे से मुलाकात होनी चाहिए. RJD के प्रदेश अध्यक्ष का बयान जिस तरह से आ रहा है वह सही नहीं है. 

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि गठबंधन के लोग निश्चित रूप से अपना विकल्प ढूंढेंगे. जीतन राम मांझी कोई गलती नहीं कर रहे हैं. वो एक विकल्प ढूंढ रहे हैं और ढूंढना चाहिए. राजनीति में कोई हमेंशा के लिए किसी का दुश्मन नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि मुलाकात के बाद जीतनराम मांझी को जो निर्णय लेना है वह ले सकते हैं, वह स्वतंत्र हैं. 

आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने जीतन राम मांझी और शरद पवार की मुलाकात को लेकर बयान दिया था कि दोनों के बीच बीजेपी को पराजित करने के लिए एक नीति बनाए जाने को लेकर मुलाकात हुई होगी. उन्होंने यह भी कहा कि सीट का बंटवारा अभी हुआ नहीं है. उससे पहले संघर्ष होगा. इसके लिए सभी दल एक दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहेंगे. राजनीति में यह होता ही रहता है. रघुवंश प्रसाद सिंह ने यह भी कहा कि शरद पवार बीजेपी को पछाड़ने के लिए काम करेंगे.

उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानन्द सिंह ने भी जीतन राम मांझी और शरद पवार की मुलाकात को लेकर बयान दिया है. दो बड़े नेताओं के बीच बातचीत चल रही है. उस पर किसी भी तरह का कयास लगाना गलत होगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों महागठबंधन के बड़े नेता हैं और मजबूत स्तंभ हैं. गठबंधन के विचारों में भिन्नता हो सकती है लेकिन बावजूद इसके सबको एक होना होगा. 

इसके बाद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने भी जीतन राम मांझी और शरद पवार की मुलाकात को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि शरद पवार महागठबंधन के कद्दावर नेता हैं. वह यब बात बखूबी जानते हैं कि बीजेपी को कैसे हराना है. बिहार में शरद पवार और जीतनराम मांझी अलग नहीं हैं. सब मिलकर ही बीजेपी को हराएंगे.