मुंगेर: गंगा के बढ़े जलस्तर से 6 प्रखंड के कई पंचायत प्रभावित, घरों में घुसा पानी

जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि जिला प्रसाशन को अलर्ट कर दिया गया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों का पहला हक है, उनके लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी.

मुंगेर: गंगा के बढ़े जलस्तर से 6 प्रखंड के कई पंचायत प्रभावित, घरों में घुसा पानी
मुंगेर में अभी भी बाढ़ की स्थिति.

मुंगेर: बिहार के मुंगेर (Munger) में गंगा (Ganga) के जलस्तर में इजाफा होने से छह प्रखंडों के कई पंचायत प्रभावित हैं. लगातर जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके में रहने वाले लोगों के घरों में पानी घुस गया है. खेत डूब गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिले के दियारा इलाके की पांच पंचायतों में पानी घुस गया, जिसकी वजह से रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ रहा है.

मुंगेर के छह प्रखंड जमालपुर, धरहरा ,बरियारपुर सदर, खड़गपुर और असरगंज इलाके में बाढ़ आ गई है. वहीं, दियारा इलाके के सदर और बरियारपुर प्रखंड के पांच पंचायत कुतलुपुर, जाफरनगर, टिकारामपुर, हरिणमार और झौवाबहियार में लोगों के घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है. एनएच 80 के पास स्थित गांव में बाढ़ का पानी आ जाने के कारण लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं. 

वहीं, जिलाधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि जिले के छह प्रखंड के लगभग 18 पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के रहने की व्यवस्ता कई स्कूलों में की गई है. वहां पर बाढ़ पीड़ितों के लिए बिजली, पानी और सूखे राशन की भी व्यवस्था की गई है. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया की आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ पीड़ितों के लिए ताजा खाना खिलाने का भी इंतजाम किया जाएगा. आपात स्थिति का सामना करने के लिए जिले में 69 नाव, एसडीआरफ और एनडीआरएफ की टीम भी सतर्क है.

जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि जिला प्रसाशन को अलर्ट कर दिया गया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों का पहला हक है, उनके लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी.

वहीं, प्रशासन और मंत्री के दावों से इतर स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका घर पानी में डूब गया है, वो ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. प्रसाशन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है. हर साल बिहार बाढ़ की आपदा का सामना करता है लेकिन तमाम दावों के बावजूद प्रशासन की पोल खुल गई.

-- Saloni Shrivastava, News Desk