बिहार: महागठबंधन की तस्वीर अभी साफ नहीं, कांग्रेस नेता ने दिया कुछ ऐसा जवाब...

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Chunav) के मद्देनजर बीजेपी (BJP), आरजेडी (RJD) और जेडीयू (JDU) के बाद, अब कांग्रेस में भी बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है.

बिहार: महागठबंधन की तस्वीर अभी साफ नहीं, कांग्रेस नेता ने दिया कुछ ऐसा जवाब...
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निखिल कुमार के आवास पर पार्टी के दिग्गज नेताओं की बैठक हुई. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Chunav) के मद्देनजर बीजेपी (BJP), आरजेडी (RJD) और जेडीयू (JDU) के बाद, अब कांग्रेस में भी बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है. इसी क्रम में, शुक्रवार को कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता निखिल कुमार के आवास पर पार्टी के दिग्गज नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक में बिहार कांग्रेस चीफ मदन मोहन झा, सदानंद सिंह, कृपानाथ पाठक, तारिक अनवर, शयाम सुंदर धीरज जैसे सरीखे नेता शामिल हुए.

बैठक के बाद, निखिल कुमार ने कहा कि, चुनाव की रणनीति को लेकर बैठक हुई है. लॉकडाउन (Lockdown) के बाद आपसी विमर्श जरूरी था. इधर, एचएएम (HAM) प्रमुख जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के रूख पर सदानंद सिंह ने कहा, 'मांझी जी से अनुरोध हैं कि, सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर भरोसा रखें, सब ठीक होगा.'

'महागठबंधन का स्वरूप तय नहीं'
वहीं, मदन मोहन झा ने कहा कि, सरकार के काम से जनता खुश नहीं है. मांझी किसी नेता से मिलते हैं तो, राजनीति में बुरा नही है. हमारा साथ रहना जरूरी है, क्योंकि जनता कष्ट में है. जबकि, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक ने कहा कि, अभी महागठबंधन का स्वरूप तय नहीं है. सभी नेता आपस में बैठकर महागठबंधन (Mahagathbandhan) का स्वरूप तय करेंगे. जनता वर्तमान सरकार से नाराज है, लेकिन उनके मुद्दों पर हमें खरा उतरना होगा.

BJP-JDU को मिला मौका
इधर, कृपानाथ पाठक के बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. कृपानाथ पाठक का बयान कि, महागठबंधन का स्वरूप अभी तय नहीं है, इसने सत्तापक्ष को निशाना साधने का मौका दे दिया है. क्योंकि बीजेपी-जेडीयू लगातार यह बात कहते आ रहे हैं कि, महागठबंधन में चुनाव तक बहुत कलह देखने को मिलेगी.

निखिल कुमार का कटा था टिकट
वहीं, सूत्रों की मानें तो, निखिल कुमार ने यह बैठक बिहार चुनाव में अपनी अहमियत को बरकरार रखने की कोशिश में आयोजित की. दरअसल, निखिल कुमार का लोकसभा चुनाव (Loksabha Chunav 2019) के दौरान औरंगाबाद से टिकट कट गया था. आरजेडी ने पहले कांग्रेस को 11 सीट देने का वादा किया था, लेकिन बाद, में उसे घटाकर 9 कर दिया गया था.

RJD ने नहीं निभाया वादा
इस बात से निखिल कुमार खासे नाराज बताए जा रहे थे. जबकि, निखिल कुमार और कांग्रेस को संतुष्ट करने के लिए आरजेडी ने ये वादा किया था कि, राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Chunav) में राजद कोटे से एक सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी. ऐसे में कयास लगाए थे कि, अगर ऐसा होता है तो, कांग्रेस की तरफ से निखिल कुमार राज्यसभा के लिए भेज जाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

कांग्रेस नेता ने लिखी थी चिट्ठी
आरजेडी ने दोनों सीट पर अपने उम्मीदवार को राज्यसभा भेज दिया. बल्कि, राज्यसभा चुनाव पूर्व बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को एक पत्र लिखकर उन्हें, लोकसभा चुनाव के दौरान किया गया वादा याद दिलाया था.

मजबूत भूमिका चाहते हैं निखिल कुमार
इधर, सूत्र बताते हैं कि, इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में निखिल कुमार कोई भी ढील बरतने के मूड में नहीं हैं. उनकी कोशिश हैं कि, इस बार कांग्रेस चुनाव में आरजेडी के सामने सरेंडर न करे, बल्कि पूरी एकजुटता के तहत गठबंधन में अपनी बात रखे. इसके साथ ही, निखिल कुमार कांग्रेस के टिकट बंटवारे से लेकर, गठबंधन के स्तर तक अपनी मजबूत भूमिका चाहते हैं. उनकी कोशिश है कि, एक तरह से वो बिहार में कांग्रेस को लीड करें. साथ ही, पार्टी में अपनी कमान टाइट रखें.

सूत्र यह भी बताते हैं कि, निखिल कुमार की कोशिश है कि, आरजेडी सहित तमाम गठबंधन के दलों को यह साफ संदेश दिया जाए कि, इस बार कांग्रेस अपने शर्तों पर काम करेगी. वहीं, महागठबंधन के स्वरूप को लेकर निखिल कुमार पहले भी बोल चुके हैं कि, अभी इसकी तस्वीर साफ नहीं है.