झारखंड चुनाव: पाकुड़ में सियासी सरगर्मी तेज, पाला बदलकर चुनाव लड़ सकते हैं JMM के पूर्व MLA

आलमगीर आलम ने दावेदारी पेश करते हुए कहा कि जहां आरपीएन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव सहित अन्य पार्टी के नेता बैठते हैं और टिकट की चर्चा होती है वहां पर मैं भी बैठता हूं. इसलिए पाकुड़ विधानसभा सीट से कोई समझौता नहीं होगा.

झारखंड चुनाव: पाकुड़ में सियासी सरगर्मी तेज, पाला बदलकर चुनाव लड़ सकते हैं JMM के पूर्व MLA
पाकुड़ विधानसभा सीट पर गरमाई सियासत.

सोहन प्रमाणिक, पाकुड़: झारखंड के पाकुड़ में राजनीति सरगर्मी तेज हो गई है. पाकुड़ विधानसभा सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सीट बन चुकी है. वहीं, जेएमएम के पूर्व विधायक अकील अख्तर भी इसे अपनी प्रतिष्ठा के साथ जोड़कर देख रहे हैं. इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है. लेकिन क्या महागठबंधन (Grand Alliance) में यह सीट जेएमएम के पाले में जाएगी और क्या अकील अख्तर को यहां से टिकट मिलेगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है.

वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस (Jharkhand Congress) पाकुड़ विधानसभा सीट अपने लिए कंफर्म मान रही है. यही वजह है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी ने इस बात को साफ कर दिया है कि इस सीट से कांग्रेस के विधायक दल के नेता सह पाकुड़ विधायक आलमगीर आलम चुनाव लडेंगे.

आलमगीर आलम ने भी दावेदारी पेश करते हुए कहा कि जहां आरपीएन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव सहित अन्य पार्टी के नेता बैठते हैं और टिकट की चर्चा होती है वहां पर मैं भी बैठता हूं. इसलिए पाकुड़ विधानसभा सीट से कोई समझौता नहीं होगा. उनका कहना है कि कांग्रेस ही इस सीट से चुनाव लड़ेगी. वह पूरे आत्मविश्वास से चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. गांव-गांव जनसभा भी कर रहे हैं.

आलमगीर आलम ने कहा है कि 1995 से उन्हें ही टिकट मिलता आ रहा है. आगे भी उन्हें ही मिलेगा. कुछ दिनों का इंतजार है. सब साफ हो जाएगा. वहीं, रामेश्वर उरांव ने कहा कि निश्चित रूप से पाकुड़ विधानसभा से कांग्रेस के विधायक दल के नेता सह पाकुड़ विधायक आलमगीर आलम चुनाव लडेंगे. इसमें कोई संदेह नहीं है.

कांग्रेस के इस ऐलान और तैयारी से जेएमएम के पूर्व विधायक अकील अख्तर की बेचैनी बढ़ गई है. सूत्रों की मानें तो पाकुड़ विधाससभा सीट के लिए जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन से कई बार वार्ता किया, लेकिन कोई स्पष्ट जबाब नहीं मिला. इसके बाद अकील अख्तर ने तय कर लिया है कि पाकुड़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. चाहे जेएमएम से टिकट मिले या नहीं मिले. यही वजह है कि वह बिना झंडा बैनर के जनसभा से लेकर जनसम्पर्क अभियान गांव-गांव में चला रहे हैं. एक दिन में दर्जनों गांव का दौरा कर रहे हैं.

सूत्रों की मानें तो अकील अख्तर जेवीएम के बाबुलाल मरांडी से सम्पर्क में है. राजनीति गलियारों में यह भी चर्चा है कि अकील अख्तर का सम्पर्क आजसू सुप्रीमो के साथ भी है. शायद यही कारण है कि जेएमएम टिकट नहीं देगी तो अकील अख्तर जेवीएम या फिर आजसू के टिकट से पाकुड़ विधानसभा से चुनाव लड़ सकते हैं.