close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

झारखंडः सरायकेला में चार नक्सली गिरफ्तार, 5 पुलिसकर्मियों की थी हत्या

सरायकेला जिले के कुकडु हाट बाजार में पांच पुलिसकर्मियों की नक्सलियों द्वारा की गई निर्मम हत्या का खुलासा हुआ है.

झारखंडः सरायकेला में चार नक्सली गिरफ्तार, 5 पुलिसकर्मियों की थी हत्या
सरायकेला में चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया.

पीयूष/सरायकेलाः झारखंड के सरायकेला जिले के कुकडु हाट बाजार में पांच पुलिसकर्मियों की नक्सलियों द्वारा की गई निर्मम हत्या का खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में महाराज प्रामाणिक दस्ते, अनिल दस्ते के चार हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. पूरी हत्या 21 नक्सलियों ने मिल कर अंजाम दिया था, और पूरी प्लानिंग अनिल टुड्डू ने जंगलो में नक्सलियों के साथ बैठक कर बनाया गया था. पूरी योजना दहसत फ़ैलाने व नए युवा नक्सलियों के लिए हथियार जुटाने के लिए किया गया था. 

नक्सल दस्तों में शामिल हो रहे है नए युवक, युवकों को हथियार की पड़ रही थी कमी तो कुकड़ू हाट घटना को अंजाम देने की योजना बनाई. पुलिस ने यह खुलासा करते हुए बताया की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस घटना को अंजाम देने वाले नक्सली क्षेत्र में सक्रिय हैं. जिसके बाद पुलिस ने टीम गठित कर छापामारी की और महाराज प्रमाणित दस्ते के हार्ड कोर नक्सली सुनील टुडू को ईचागढ़ ब्लॉक के पास से गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में उसने कुकड़ू हाट बाजार में हुई घटना में शामिल होने का अपराध स्वीकार किया, उसने बताया कि इसकी योजना रमेश उर्फ अनल ने बनाई थी और इसमें महाराज प्रमाणिक, अमित मुंडा, अतुल, टीपू उर्फ टीपुरा, बुधराम मार्डी, रामु उर्फ रामनरेश लोहार, श्रीराम मांझी तथा दस्ते के कई सदस्यों ने अंजाम दिया था.

हार्डकोर नक्सली सुनील टुडू की निशानदेही पर पुलिस ने कांड में संलिप्त हार्डकोर नक्सली बुधराम मार्डी, रामु उर्फ रामनरेश लोहार और श्रीराम मांझी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त दो बाइक, मोबाइल फोन और चुनाव के बहिष्कार संबंधी बुकलेट में पोस्टर बरामद किए हैं. 

पूरे मामले का खुलासा करते हुए सरायकेला एसपी कार्तिक एस ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने से पहले इन लोगों ने पुलिस की गतिविधि की रेकी करवाई थी. उसके बाद घटना को अंजाम देने की योजना तैयार की गई, सभी को अलग अलग जिम्मेवारी सौंपी गई थी. हालांकि पुलिस अभी तक इन नक्सलियों के पास से कोई भी हथियार बरामद नही कर सकी है. एसपी ने बताया की अनिल पूर्व में भी कई घटनाओ को अंजाम दे चूका है जैसे लोक सभा चुनाव के समय केंद्र मंत्री अर्जुन मुंडा के कार्यालय को विस्फोट कर उड़ा देना. 

बहरहाल, इस मामले मर खरसावा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन एक बड़ी चुनौती भी है की लुटे गए हथियार को कैसे बरामद किया जाये और नए युवा नक्सली को दस्तों में जुड़ने से रोका जाये.